दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) इंदौर। इंदौर के पास सांवेर में बुधवार शाम करीब 4 बजे जर्जर मकान तोड़ते समय बड़ा हादसा हो गया। टशन चौराहे के पास जर्जर बिल्डिंग को तोड़े जाने के दौरान पास स्थित दूसरे मकान की पुरानी और जर्जर दीवार अचानक ढह गई। दीवार के मलबे में दबने से चार महिलाओं की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल बताए जा रहे हैं। सभी मृतक और घायल मजदूर बताए जा रहे हैं।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और नगर परिषद की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। रेस्क्यू टीम ने मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। गंभीर रूप से घायलों को बेहतर उपचार के लिए इंदौर रेफर किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जिस जर्जर मकान को तोड़ा जा रहा था, वह स्थानीय स्तर पर ‘नेताजी’ के नाम से प्रसिद्ध था। मकान तोड़ने के दौरान पास के दूसरे मकान की पुरानी दीवार भरभराकर गिर गई, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई और अफरातफरी का माहौल बन गया।
एक महीने पहले गिरा था मकान का छज्जा
जानकारी के अनुसार जिस मकान को तोड़ा जा रहा था, उसका छज्जा करीब एक महीने पहले ही गिर गया था। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना नगर परिषद को दी थी। इसके बाद मकान मालिक दिनेश जैन को मकान खाली करने का नोटिस भी दिया गया था। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने नगर परिषद पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
बताया गया है कि हादसे के समय मकान मालिक दिनेश जैन ठेकेदार के साथ मौके पर मौजूद था। दिनेश जैन का ‘जैन बस’ नाम से ट्रांसपोर्ट का कारोबार बताया गया है।
शाम सवा छह बजे तक चला रेस्क्यू
एसडीओपी देवेंद्र धुर्वे ने हादसे की पुष्टि की है। पुलिस और नगर परिषद की टीम ने शाम सवा छह बजे तक जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर रेस्क्यू अभियान चलाया। पुलिस ने घटनास्थल पर जमा भीड़ को भी हटाया। मृतकों और घायलों के परिजन सिविल अस्पताल पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई।
शुरुआत में एक नाबालिग की मौत की सूचना सामने आई थी, हालांकि बाद में पुलिस ने चार महिलाओं की मौत की पुष्टि की। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और नगर परिषद की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। रेस्क्यू टीम ने मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। गंभीर रूप से घायलों को बेहतर उपचार के लिए इंदौर रेफर किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जिस जर्जर मकान को तोड़ा जा रहा था, वह स्थानीय स्तर पर ‘नेताजी’ के नाम से प्रसिद्ध था। मकान तोड़ने के दौरान पास के दूसरे मकान की पुरानी दीवार भरभराकर गिर गई, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई और अफरातफरी का माहौल बन गया।
एक महीने पहले गिरा था मकान का छज्जा
जानकारी के अनुसार जिस मकान को तोड़ा जा रहा था, उसका छज्जा करीब एक महीने पहले ही गिर गया था। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना नगर परिषद को दी थी। इसके बाद मकान मालिक दिनेश जैन को मकान खाली करने का नोटिस भी दिया गया था। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने नगर परिषद पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
बताया गया है कि हादसे के समय मकान मालिक दिनेश जैन ठेकेदार के साथ मौके पर मौजूद था। दिनेश जैन का ‘जैन बस’ नाम से ट्रांसपोर्ट का कारोबार बताया गया है।
शाम सवा छह बजे तक चला रेस्क्यू
एसडीओपी देवेंद्र धुर्वे ने हादसे की पुष्टि की है। पुलिस और नगर परिषद की टीम ने शाम सवा छह बजे तक जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर रेस्क्यू अभियान चलाया। पुलिस ने घटनास्थल पर जमा भीड़ को भी हटाया। मृतकों और घायलों के परिजन सिविल अस्पताल पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई।
शुरुआत में एक नाबालिग की मौत की सूचना सामने आई थी, हालांकि बाद में पुलिस ने चार महिलाओं की मौत की पुष्टि की। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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