दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। दुर्गोत्सव जैसे बड़े त्योहार से पहले शहर के कई प्रमुख मार्गों और चौराहों पर स्ट्रीट लाइट, सेंट्रल लाइटिंग और हाईमास्ट के खुले बिजली के तार हादसे को न्योता दे रहे हैं। सड़कों और डिवाइडरों पर लगे पोलों से तार बाहर तक झूल रहे हैं। ऐसे में त्योहार के दौरान इन मार्गों से गुजरने वाले लोगों के लिए यह गंभीर खतरा बन सकता है।
शहर में पड़ताल के दौरान दमोहनाका, दीक्षितपुरा, आईटीआई, सिविल लाइंस, मेडिकल रोड और सगड़ा सहित कई प्रमुख मार्गों के डिवाइडरों पर लगे स्ट्रीट लाइट के पोलों के नीचे बिजली के तार खुले और सड़क की ओर फैले मिले। कई जगह तार झूलते नजर आए, जबकि कुछ स्थानों पर तारों को टेप लगाकर जोड़कर काम चलाया जा रहा है।
शिकायतों के बावजूद नहीं हो रहा स्थायी समाधान
स्थानीय लोगों का कहना है कि खुले तारों की समस्या को लेकर कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ। पैदल राहगीरों, डिवाइडर पार करने वाले लोगों और आवारा पशुओं के इन तारों की चपेट में आने का खतरा बना हुआ है। कुछ पोलों में अर्थिंग की व्यवस्था भी नहीं होने की बात सामने आई है।
230 से 440 वोल्ट तक हो सकता है करंट
जानकारों के मुताबिक स्ट्रीट लाइट और हाईमास्ट लाइट के कनेक्शन में 230 से 440 वोल्ट तक करंट हो सकता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है। नियमों के अनुसार पोल के जंक्शन बॉक्स वाटरप्रूफ और लॉक होने चाहिए। बिजली के तारों में उचित इंसुलेशन और पोल की अर्थिंग भी जरूरी है। खुले तार इन सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
जिम्मेदार विभाग की ओर से बताया गया है कि डिवाइडरों और सड़कों पर लगे लैंप पोस्ट, हाईमास्ट और स्ट्रीट लाइटों का सर्वे कराया गया है। पोलों के जंक्शन बॉक्स और खुले तारों को व्यवस्थित करने का काम किया जा रहा है। जल्द ही खुले तारों को कवर कर व्यवस्थित करने का दावा किया गया है।
शहर में पड़ताल के दौरान दमोहनाका, दीक्षितपुरा, आईटीआई, सिविल लाइंस, मेडिकल रोड और सगड़ा सहित कई प्रमुख मार्गों के डिवाइडरों पर लगे स्ट्रीट लाइट के पोलों के नीचे बिजली के तार खुले और सड़क की ओर फैले मिले। कई जगह तार झूलते नजर आए, जबकि कुछ स्थानों पर तारों को टेप लगाकर जोड़कर काम चलाया जा रहा है।
शिकायतों के बावजूद नहीं हो रहा स्थायी समाधान
स्थानीय लोगों का कहना है कि खुले तारों की समस्या को लेकर कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ। पैदल राहगीरों, डिवाइडर पार करने वाले लोगों और आवारा पशुओं के इन तारों की चपेट में आने का खतरा बना हुआ है। कुछ पोलों में अर्थिंग की व्यवस्था भी नहीं होने की बात सामने आई है।
230 से 440 वोल्ट तक हो सकता है करंट
जानकारों के मुताबिक स्ट्रीट लाइट और हाईमास्ट लाइट के कनेक्शन में 230 से 440 वोल्ट तक करंट हो सकता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है। नियमों के अनुसार पोल के जंक्शन बॉक्स वाटरप्रूफ और लॉक होने चाहिए। बिजली के तारों में उचित इंसुलेशन और पोल की अर्थिंग भी जरूरी है। खुले तार इन सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
जिम्मेदार विभाग की ओर से बताया गया है कि डिवाइडरों और सड़कों पर लगे लैंप पोस्ट, हाईमास्ट और स्ट्रीट लाइटों का सर्वे कराया गया है। पोलों के जंक्शन बॉक्स और खुले तारों को व्यवस्थित करने का काम किया जा रहा है। जल्द ही खुले तारों को कवर कर व्यवस्थित करने का दावा किया गया है।
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