Jabalpur News: आमजनों में सुरक्षा का भाव, बदमाशों में पुलिस का खौफ होना चाहिए; अपराध समीक्षा बैठक में सख्त निर्देश, दुर्गा पंडालों की सुरक्षा के लिए बीट प्रभारियों की जवाबदेही तय

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। “पुलिस की कार्रवाई निष्पक्ष होनी चाहिए। आम नागरिकों में पुलिस के प्रति सुरक्षा का भाव और असामाजिक तत्वों व गुंडे-बदमाशों में पुलिस का खौफ होना चाहिए।” यह निर्देश पुलिस अधीक्षक जबलपुर संपत उपाध्याय ने पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित अपराध समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए। उन्होंने आगामी नवरात्रि और दशहरा पर्व के मद्देनजर कानून व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों के त्वरित निराकरण और दुर्गा पंडालों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।

लंबित गंभीर अपराधों की समीक्षा, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर जोर

एसपी संपत उपाध्याय ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष जाखड़, मनीष भारद्वाज, अंजना तिवारी, पल्लवी शुक्ला, अखिलेश तिवारी और बीएस गोठरिया सहित समस्त राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों एवं चौकी प्रभारियों की मौजूदगी में बैठक ली।

बैठक में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, झपटमारी, नकबजनी, एससी-एसटी एक्ट और महिला संबंधी अपराधों की थाना-वार समीक्षा की गई। एसपी ने लंबित गंभीर मामलों का शीघ्र निराकरण करने और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिले से बाहर रह रहे फरार आरोपियों और वारंटियों की तलाश में पुलिस टीमें भेजने को भी कहा गया।

नाबालिग बालक-बालिकाओं के अपहरण के मामलों में उनकी सुरक्षित दस्तयाबी के लिए हरसंभव प्रयास करने तथा जिले के बाहर होने की जानकारी मिलने पर तत्काल टीम रवाना करने के निर्देश दिए गए।

महिला संबंधी अपराधों में संवेदनशीलता बरतने के निर्देश

एसपी ने महिला संबंधी अपराधों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करने, आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और विवेचना पूरी कर समय पर चालान पेश करने को कहा। महिला संबंधी शिकायतों का भी प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए गए।

सीएम हेल्पलाइन, वरिष्ठ कार्यालयों और जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निराकरण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लंबित संपत्ति संबंधी अपराधों में आरोपियों की पतासाजी, गिरफ्तारी और चोरी गई संपत्ति की बरामदगी पर भी जोर दिया गया।

 साइबर ठगी की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई

बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए एसपी ने सभी थानों में संचालित साइबर हेल्प डेस्क को प्रभावी ढंग से काम करने के निर्देश दिए। साइबर फ्रॉड, सोशल मीडिया फ्रॉड और अन्य ऑनलाइन अपराधों की शिकायत मिलने पर तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए पीड़ितों को राहत पहुंचाने को कहा गया।

मोबाइल गुम होने की शिकायतों पर भी त्वरित कार्रवाई कर सीईआईआर (CEIR) पोर्टल के माध्यम से मोबाइल की तलाश करने और बरामद मोबाइल संबंधित व्यक्ति को वापस दिलाने के निर्देश दिए गए। बैठक में सीसीटीएनएस, ई-साक्ष्य, ई-विवेचना, ई-एफआईआर, ई-चालान और ई-समन से संबंधित कार्यों की भी समीक्षा की गई।

 पारंपरिक मार्गों से ही निकलेंगे दुर्गा प्रतिमाओं के जुलूस

आगामी दुर्गा उत्सव और दशहरा पर्व को देखते हुए एसपी ने सभी थाना प्रभारियों से उनके क्षेत्रों में आयोजित होने वाले गरबा, चल समारोह और भंडारा कार्यक्रमों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि दुर्गा एवं काली प्रतिमाओं की स्थापना पारंपरिक स्थानों पर ही की जाए और जुलूस निर्धारित पारंपरिक मार्गों से ही निकाले जाएं।

संवेदनशील स्थानों पर फिक्स पिकेट्स लगाने और प्रतिमा स्थापना करने वाली समितियों, डीजे व लाइट संचालकों तथा चल समारोह आयोजकों के साथ बैठक कर सुरक्षा संबंधी नियमों की जानकारी देने को कहा गया। पंडाल इस तरह लगाए जाएं कि आम नागरिकों और आपातकालीन वाहनों के आवागमन में बाधा न हो।

 पंडालों की सुरक्षा की जिम्मेदारी बीट प्रभारियों की

एसपी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक दुर्गा पंडाल की जिम्मेदारी संबंधित थाने में पदस्थ आरक्षक, प्रधान आरक्षक, सहायक उपनिरीक्षक और बीट प्रभारी की तय की जाए। संबंधित पुलिसकर्मी प्रतिमा स्थापना से लेकर विसर्जन तक पंडाल की गतिविधियों की जानकारी रखेंगे।

रात्रि गश्त और प्रभात गश्त के दौरान पुलिस अधिकारी हर घंटे पंडालों की जांच करेंगे, वहां स्वयंसेवकों की मौजूदगी सुनिश्चित करेंगे और पंडाल में रखे रजिस्टर में हस्ताक्षर करेंगे। प्रत्येक पंडाल में सीसीटीवी कैमरे लगाने और दो-दो स्वयंसेवकों की चौबीसों घंटे तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

अग्नि सुरक्षा और विसर्जन स्थलों पर विशेष इंतजाम

एसपी ने सभी पंडालों में अग्निशमन यंत्र और रेत से भरी बाल्टियां रखने के निर्देश दिए। विद्युत सजावट में कटे-फटे तारों का इस्तेमाल नहीं करने और क्रॉस लाइटिंग से बचने को कहा गया, ताकि फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और पुलिस वाहन आसानी से पहुंच सकें।

विसर्जन स्थलों पर होमगार्ड जवानों और स्थानीय तैराकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मंदिरों में जल चढ़ाने जाने वाली महिलाओं के मार्गों पर पर्याप्त रोशनी और पुलिस पेट्रोलिंग की व्यवस्था करने के साथ ही बड़े आयोजन स्थलों पर भीड़ नियंत्रण के लिए अलग निकास द्वार बनाने पर जोर दिया गया।

असामाजिक तत्वों पर रहेगी नजर

एसपी ने कहा कि त्योहारों के दौरान शांति भंग करने की कोशिश करने वाले तत्वों पर लगातार निगरानी रखी जाए। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की सक्रियता बढ़ाने, सूचना तंत्र मजबूत करने और विवादों में शामिल पक्षों के विरुद्ध आवश्यक प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि छोटी से छोटी घटना की सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर वैधानिक कार्रवाई करें। पुलिस का मुख्य उद्देश्य शहर में शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना है, इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

Post a Comment

Previous Post Next Post