Jabalpur News: ओमेगा हॉस्पिटल में मरीज की मौत के बाद हंगामा, परिजनों ने इलाज में लापरवाही और आयुष्मान योजना के बावजूद अतिरिक्त रकम मांगने का लगाया आरोप; देखें वीडियो

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर।
दूसरा पुल के पास स्थित ओमेगा हॉस्पिटल में सोमवार सुबह 40 वर्षीय मरीज उमेश झरिया की मौत के बाद जमकर हंगामा हो गया। मरीज की मौत की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई। स्थिति बिगड़ने की सूचना पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और परिजनों को मामले की जांच का भरोसा दिलाया।

जानकारी के अनुसार गौर-सालीवाड़ा निवासी उमेश झरिया को अल्सर की बीमारी के चलते 30 सितंबर को ओमेगा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक अस्पताल में जांच के बाद चिकित्सकों ने सर्जरी कराने की सलाह दी। इसके बाद उमेश की सर्जरी की गई, लेकिन सर्जरी के बाद उसकी हालत में सुधार होने के बजाय लगातार गिरावट आती गई।

परिजनों का आरोप है कि सर्जरी के बाद उमेश की तबीयत गंभीर होती चली गई। उन्होंने अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही बरते जाने का आरोप लगाया। परिजनों के मुताबिक मरीज की हालत बिगड़ने के बावजूद समय रहते उसे उचित उपचार नहीं मिल सका। सोमवार सुबह आखिरकार उमेश ने दम तोड़ दिया।

इलाज को लेकर परिजनों ने उठाए सवाल

मरीज की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन की उपचार व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि भर्ती करने से लेकर सर्जरी और उसके बाद की उपचार प्रक्रिया तक वे चिकित्सकों के निर्देशों का पालन करते रहे, लेकिन मरीज की हालत लगातार खराब होती गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि गंभीर स्थिति के बावजूद इलाज में अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई गई।

परिजनों ने पूरे मामले की जांच कराने और यह पता लगाने की मांग की कि सर्जरी के बाद मरीज की हालत क्यों बिगड़ी और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित उपचार मिलता तो संभवतः स्थिति अलग हो सकती थी। हालांकि, मौत के वास्तविक कारण और उपचार में किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

आयुष्मान कार्ड के बाद भी अतिरिक्त रकम मांगने का आरोप

मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर आयुष्मान योजना के तहत उपचार के बावजूद अतिरिक्त रकम मांगने का भी आरोप लगाया। परिजनों के मुताबिक उमेश का उपचार आयुष्मान योजना के अंतर्गत कराया जा रहा था, लेकिन इसके बावजूद उनसे इलाज जारी रखने के लिए अतिरिक्त राशि की मांग की गई।

परिजनों का कहना है कि वे इलाज के लिए पैसों की व्यवस्था करने में जुटे हुए थे। इसी बीच उमेश की तबीयत और बिगड़ गई और सोमवार सुबह उसकी मौत हो गई। मरीज की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की।

मौत की सूचना मिलते ही अस्पताल में जुटी भीड़

उमेश की मौत की खबर फैलते ही गौर-सालीवाड़ा क्षेत्र से उसके परिचित और ग्रामीण भी अस्पताल पहुंचने लगे। कुछ ही देर में अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। परिजनों ने इलाज में कथित लापरवाही और अतिरिक्त राशि मांगने के आरोपों को लेकर विरोध जताया।

हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी अस्पताल पहुंचकर मामले की जानकारी ली। अधिकारियों ने परिजनों से चर्चा कर उन्हें मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया।

जांच के बाद सामने आएगी मौत की वास्तविक वजह

फिलहाल मरीज की मौत को लेकर परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। चिकित्सकीय उपचार में लापरवाही हुई या नहीं और आयुष्मान योजना के तहत उपचार के दौरान अतिरिक्त राशि की मांग की गई थी या नहीं, इन सभी बिंदुओं की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

मामले को लेकर परिजनों ने जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, अस्पताल में हंगामे के बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की मौजूदगी में स्थिति सामान्य कराई गई।

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