Jabalpur News: गाली-गलौज के विवाद में घर में घुसकर युवक की पीट-पीटकर हत्या, चंद घंटों में आरोपी गिरफ्तार

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। तिलवारा थाना अंतर्गत ग्राम नारायणपुर में पुरानी रंजिश और मामूली गाली-गलौज को लेकर एक खूनी संघर्ष सामने आया है। आरोपियों ने घर में घुसकर 48 वर्षीय शेर सिंह तेकाम पर लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे उसकी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। जबलपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के इस मामले में चंद घंटों के भीतर मुख्य आरोपी को धर दबोचा और एक विधि विवादित बालक (नाबालिग) को भी हिरासत में ले लिया है। घटना में प्रयुक्त डंडा और मोटरसाइकिल भी ज़ब्त कर ली गई है।

गाली-गलौज से शुरू हुआ था विवाद

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, दिनांक 19 अक्टूबर 2026 की दोपहर करीब 1:30 बजे ग्राम नारायणपुर निवासी शेर सिंह तेकाम ने आरोपी शंभू तेकाम के पिता के साथ किसानी व मजदूरी की बात को लेकर गाली-गलौज कर दी थी। इसी बात से रंजिश रखते हुए शंभू तेकाम और एक 17 वर्षीय नाबालिग ने मोटरसाइकिल पर सवार होकर सीधे शेर सिंह के घर पर धावा बोल दिया।

घर में घुसकर सिर और हाथ पर किए वार

आरोपियों ने घर में घुसकर शेर सिंह तेकाम के साथ गाली-गलौज की और फिर डंडों से उसके सिर व हाथ पर गंभीर वार किए। ताबड़तोड़ मारपीट के चलते शेर सिंह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ा। घटना की जानकारी मिलने पर परिजनों ने तुरंत 108 एम्बुलेंस की मदद से घायल को नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल की सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पंचनामा व पोस्टमार्टम कराया।

चंद घंटों में पकड़े गए आरोपी, डंडा और बाइक ज़ब्त

विवेचना के दौरान गठित पुलिस टीम ने तकनीकी मदद और मुखबिर की सूचना पर ग्राम नारायणपुर से मुख्य आरोपी शंभू सिंह तेकाम (उम्र 23 वर्ष) और 17 वर्षीय विधि विवादित बालक को दबोच लिया। पूछताछ के बाद आरोपी शंभू सिंह की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त डंडा तथा वारदात में इस्तेमाल की गई स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (क्रमांक MP 20 NL 6711) को ज़ब्त कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 103(1), 3(5) के तहत हत्या का अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।

अंधे कत्ल की इस गुत्थी को चंद घंटों में सुलझाने और आरोपियों को गिरफ्तार करने में तिलवारा थाना प्रभारी बृजेश मिश्रा, उप निरीक्षक पी.एल. बंसल, प्रधान आरक्षक जयशंकर चौहान, तथा आरक्षक शैलेन्द्र, इंद्रकुमार विश्वकर्मा, अभय बघेल, सुनील परवारी और प्रदीप झारिया की सराहनीय भूमिका रही।

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