दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। दीपावली के त्योहार पर स्कूलों में साफ-सफाई के नाम पर छात्राओं से कचरा उठवाने का मामला सामने आया है। ब्योहारबाग स्थित शासकीय कन्या शाला में छात्राओं से सफाई कराए जाने पर अभिभावकों ने आपत्ति जताई। इस दौरान स्कूल में मौजूद शिक्षकों और अभिभावकों के बीच विवाद की स्थिति बन गई। एक अभिभावक ने पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। मामला जिला शिक्षा अधिकारी तक पहुंचने के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूल की प्रभारी प्राचार्या को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
जानकारी के अनुसार, घटना मंगलवार की बताई जा रही है। छात्राओं को लेने के लिए उनके अभिभावक स्कूल पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने देखा कि बच्चियां कक्षाओं में पढ़ाई करने के बजाय कचरा उठाने और सफाई करने में लगी हुई थीं। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल में सफाई कर्मचारी पदस्थ होने के बावजूद छात्राओं से यह काम कराया जा रहा था। यह देखकर उन्होंने स्कूल प्रबंधन के सामने विरोध दर्ज कराया और मौके का वीडियो भी बना लिया।
अभिभावकों के मुताबिक, जब उन्होंने स्कूल प्रबंधन से छात्राओं से सफाई कराने का कारण पूछा तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। आरोप है कि प्राचार्या की ओर से कथित तौर पर यह कहा गया कि बच्चों को ले जाना है तो ले जाएं। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। बाद में अभिभावकों ने पूरे मामले की शिकायत शिक्षा विभाग से की।
बताया जा रहा है कि दीपावली के मद्देनजर स्कूल परिसर में सफाई अभियान चलाया जा रहा था। अभिभावकों का कहना है कि परिसर की साफ-सफाई की जिम्मेदारी स्कूल में पदस्थ कर्मचारियों की है। बच्चियों को विद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने के लिए भेजा जाता है, न कि उनसे कचरा उठवाने और सफाई कराने के लिए।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी गौतम बर्वे ने कहा कि छात्राओं से सफाई कराए जाने की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। स्कूलों में छात्राओं से इस तरह के काम कराए जाने के मामले की विभागीय स्तर पर जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि संबंधित स्कूल की प्रभारी प्राचार्या को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
जानकारी के अनुसार, घटना मंगलवार की बताई जा रही है। छात्राओं को लेने के लिए उनके अभिभावक स्कूल पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने देखा कि बच्चियां कक्षाओं में पढ़ाई करने के बजाय कचरा उठाने और सफाई करने में लगी हुई थीं। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल में सफाई कर्मचारी पदस्थ होने के बावजूद छात्राओं से यह काम कराया जा रहा था। यह देखकर उन्होंने स्कूल प्रबंधन के सामने विरोध दर्ज कराया और मौके का वीडियो भी बना लिया।
अभिभावकों के मुताबिक, जब उन्होंने स्कूल प्रबंधन से छात्राओं से सफाई कराने का कारण पूछा तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। आरोप है कि प्राचार्या की ओर से कथित तौर पर यह कहा गया कि बच्चों को ले जाना है तो ले जाएं। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। बाद में अभिभावकों ने पूरे मामले की शिकायत शिक्षा विभाग से की।
बताया जा रहा है कि दीपावली के मद्देनजर स्कूल परिसर में सफाई अभियान चलाया जा रहा था। अभिभावकों का कहना है कि परिसर की साफ-सफाई की जिम्मेदारी स्कूल में पदस्थ कर्मचारियों की है। बच्चियों को विद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने के लिए भेजा जाता है, न कि उनसे कचरा उठवाने और सफाई कराने के लिए।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी गौतम बर्वे ने कहा कि छात्राओं से सफाई कराए जाने की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। स्कूलों में छात्राओं से इस तरह के काम कराए जाने के मामले की विभागीय स्तर पर जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि संबंधित स्कूल की प्रभारी प्राचार्या को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
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