दैनिक सांध्य बन्धु भोपाल। प्रदेश की अमरवाड़ा सीट पर उपचुनाव की घोषणा के बाद, बीना और विजयपुर विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। कांग्रेस के तीन विधायकों ने हाल ही में बीजेपी का दामन थामा लिया था, जिनमें से केवल अमरवाड़ा विधायक कमलेश शाह ने बीजेपी की सदस्यता लेने से पहले ही कांग्रेस विधायक पद से भी इस्तीफा दे दिया था । बीना विधायक निर्मला सप्रे और विजयपुर विधायक रामनिवास रावत ने अभी तक विधायक पद से इस्तीफा नहीं दिया है।
दलबदलू विधायक निर्मला सप्रे ने बताया कि वह विधायक निधि जारी होने का इंतजार कर रही हैं। सप्रे ने कहा, "विधायकों को सालाना ढाई करोड़ रुपए विकास कार्यों के लिए मिलते हैं। हमें अभी हाल ही में सूचना मिली है कि लगभग 80-90 लाख रुपए की राशि जारी हो चुकी है। वह इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं, परंतु पहले वह अपने क्षेत्र में विकास कार्यों को पूरा करना चाहती हैं।
सागर जिले की बीना से कांग्रेस विधायक रहीं निर्मला सप्रे ने 5 मई को बीजेपी जॉइन कर ली थी। लोकसभा चुनाव के दौरान सप्रे के दलबदल ने कांग्रेस को करारा झटका दिया। हालांकि, सप्रे ने अभी तक विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया है। दैनिक सांध्य बन्धु से बातचीत में सप्रे ने कहा, "जहां सत्ता होती है, वहां विकास होता है। मैं अपने क्षेत्र की जनता और किसानों के लिए काम करना चाहती हूं। इसलिए मैंने भाजपा जॉइन की।"
अमरवाड़ा में 10 जुलाई को उपचुनाव होना है। विजयपुर और बीना के विधायकों के इस्तीफे के बाद इन क्षेत्रों में भी उपचुनाव होंगे। कांग्रेस ने विजयपुर और बुधनी में उपचुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने विजयपुर के लिए 6 सदस्यीय समिति का गठन किया है, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शामिल हैं। बुधनी में उम्मीदवार चयन के लिए पूर्व मंत्री जयवर्द्धन सिंह और पूर्व विधायक शैलेन्द्र पटेल को प्रभारी बनाया गया है।
