Jabalpur News: गैस संकट में जुगाड़ का कमाल, कारीगर ने बनाई सस्ती देसी भट्टी, 30 रुपए में 1 घंटे तक जलती

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। जबलपुर में गैस सिलेंडर की किल्लत के बीच एक कारीगर का देसी इनोवेशन छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आया है। छोटी ओमती निवासी इलेक्ट्रिक मैकेनिक आसिफ खान ने ऐसी खास भट्टी तैयार की है, जो महज 30 रुपए के खर्च में एक घंटे तक लगातार जल सकती है।

दोस्त की मदद से शुरू हुआ इनोवेशन

आसिफ खान ने बताया कि यह भट्टी उन्होंने सबसे पहले अपने एक दोस्त की मदद के लिए बनाई थी, जिसकी बिरयानी की दुकान गैस की कमी के चलते बंद होने की कगार पर थी। इंटरनेट से आइडिया लेकर तैयार की गई यह भट्टी पहले ही ट्रायल में सफल रही और अब इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है।

कम खर्च में ज्यादा फायदा

इस भट्टी की खासियत यह है कि यह जले हुए आयल और थोड़े से डीजल की मदद से चलती है।
करीब 30 रुपए के आयल में यह एक घंटे तक जलती रहती है और इतनी तेज आंच देती है कि चाय, नाश्ता से लेकर होटल का खाना तक आसानी से बनाया जा सकता है।

बड़े बर्नर से लिया गया आइडिया

आसिफ ने बताया कि उन्होंने बड़े डामर प्लांट के बर्नर से प्रेरणा लेकर इसका छोटा मॉडल तैयार किया है।
इसमें बर्नर, लोहे का पाइप और आयल रखने के लिए टैंक लगाया जाता है। शुरुआत में आग लगाने के लिए थोड़ा डीजल या कागज का उपयोग किया जाता है, इसके बाद भट्टी लगातार आयल से चलती रहती है।

सुरक्षित होने का दावा

कारीगर का दावा है कि यह भट्टी पूरी तरह सुरक्षित है और इसमें विस्फोट का खतरा नहीं है।
गैस या पेट्रोल की तुलना में इसमें कम ज्वलनशील पदार्थ का उपयोग होता है, जिससे जोखिम कम हो जाता है और धुआं भी कम निकलता है।

बढ़ रही मांग, रोज मिल रहे ऑर्डर

आसिफ खान के अनुसार, इस भट्टी को तैयार करने में करीब 5 से 6 हजार रुपए का खर्च आता है और इसी कीमत पर इसे बेचा जा रहा है। रोजाना 2 से 3 भट्टियों के ऑर्डर मिल रहे हैं, जिससे यह छोटे व्यापारियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है।

छोटे कारोबारियों के लिए वरदान

गैस संकट के बीच यह देसी जुगाड़ न केवल सस्ता और कारगर विकल्प बनकर उभरा है, बल्कि छोटे दुकानदारों और होटल व्यवसायियों के लिए राहत की बड़ी उम्मीद भी बन गया है।

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