दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। इंदौर के बहुचर्चित अक्षय शर्मा हत्याकांड में फरार चल रहे तीन आरोपियों को जबलपुर पुलिस ने दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि मुख्य आरोपी शशिकांत शर्मा शहर के राइट टाउन इलाके में एक कथित भाजपा नेत्री शिखा शर्मा के घर में छिपा हुआ था।
भाजपा नेत्री के घर से दबोचा गया आरोपी
इंदौर से फरार होने के बाद आरोपी जबलपुर में अलग-अलग ठिकानों पर छिपे हुए थे। पुलिस को सूचना मिली कि शशिकांत शर्मा अपनी सास, जो खुद को भाजपा नेत्री बताती हैं, शिखा शर्मा के घर में शरण लिए हुए है।
कोतवाली सीएसपी रितेश कुमार शिव के नेतृत्व में लार्डगंज थाना प्रभारी नवल आर्य की टीम ने गुरुवार शाम दबिश दी और शशिकांत को मौके से पकड़ लिया।
पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने उसके दो अन्य साथी रवि शर्मा और गौरव शर्मा को भी पास के एक घर से गिरफ्तार कर लिया।
100 किलोमीटर दूर ले जाकर निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटा
17 जनवरी 2026 को आरोपियों ने मिलकर अक्षय शर्मा का अपहरण किया। उसे जबरन कार में बैठाकर इंदौर से करीब 100 किलोमीटर दूर शाजापुर ले जाया गया।
वहां एक फार्महाउस में उसे निर्वस्त्र कर बेरहमी से पीटा गया। आरोपियों ने गर्म लोहे की रॉड से उसके शरीर को दागा और अमानवीय यातनाएं दीं।
गंभीर रूप से घायल करने के बाद 18 जनवरी को उसे इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में छोड़कर आरोपी फरार हो गए। इलाज के दौरान 22 जनवरी को उसकी मौत हो गई।
पारिवारिक विवाद बना हत्या की वजह
मामले की जांच में सामने आया कि अक्षय का अपने चाचा गोविंद शर्मा और परिवार से पुश्तैनी जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी रंजिश ने खौफनाक रूप ले लिया।
इसके अलावा, मृतक पर रिश्ते में लगने वाली एक युवती के साथ दुष्कर्म का आरोप भी था, जिसकी एफआईआर पहले से दर्ज थी।
पहले 3 गिरफ्तार, अब 3 और दबोचे गए
इस हत्याकांड में कुल 8 से अधिक आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। पहले ही विनोद, राहुल और रिंकू को इंदौर पुलिस गिरफ्तार कर चुकी थी। अब जबलपुर से शशिकांत, रवि और गौरव पकड़े गए। जबकि सत्यम और एक अन्य रवि अभी भी फरार हैं।
इंदौर पुलिस को सौंपे गए आरोपी
जबलपुर पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर इंदौर पुलिस के हवाले कर दिया है। अब आगे की कार्रवाई बाणगंगा थाना पुलिस द्वारा की जाएगी।
