![]() |
| file Photo |
घटना 24 अगस्त की रात की है, जब वार्ड नंबर 4, सिहोरा की निवासी चंदा श्रीवास्तव को गंभीर चोटों के साथ मृत अवस्था में शासकीय अस्पताल लाया गया। मृतिका के भाई राजेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि उसकी बहन अकेली रहती थी और उसे किसी से कोई विवाद नहीं था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और शार्ट पीएम रिपोर्ट के अनुसार, महिला की मृत्यु सिर पर ठोस वस्तु से चोट लगने के कारण हुई थी।
पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह के निर्देश पर मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की गई। जांच के दौरान, पता चला कि मृतिका चंदा श्रीवास्तव ब्याज पर पैसे चलाती थी और उसकी वसूली पड़ोसी विकास उर्फ मोना त्रिपाठी करता था। विकास को संदेह के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली। आरोपी ने बताया कि उसने पैसों की मांग की थी, और इनकार करने पर उसने लालच में आकर चंदा श्रीवास्तव की हत्या कर दी।
आरोपी विकास उर्फ मोना ने हत्या के बाद मृतिका की सोने की चेन और कान के टॉप्स भी चुरा लिए थे। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथौड़ी, चोरी गए गहने और घटना के वक्त पहने कपड़े भी बरामद कर लिए। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
