दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर / अनुराग दीक्षित। नगर निगम प्रशासन द्वारा लगातार डेंगू मलेरिया की रुक थम के लिया निरंतर गली मोहल्लों में सफाई अभियान चलाने एवं मच्छर मारने की दवा का छिड़काव करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद भी डेंगू के मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि निगम के दावे केवल कागजी खाना पूर्ति के लिए है। नतीजतन, डेंगू का प्रकोप गली मोहल्लों में तेजी से फैल रहा है। शहर में अब तक डेंगू के कारण तीन लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं।
डोर टू डोर कचरा कलेक्शन की व्यवस्था चरमराई
डोर टू डोर कचरा कलेक्शन की व्यवस्था भी डेंगू के बढ़ते मामलों का एक मुख्य कारण बनती जा रही है। नगर निगम द्वारा ठेकेदार बदलने के बाद से कचरा संग्रहण की व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ गई है। कचरा कलेक्शन गाड़ियां नियमित रूप से मोहल्लों और गलियों में दो-दो दिन तक नहीं पहुंच रही हैं, जिससे घरों और सड़कों पर कचरे के ढेर लग रहे हैं। इस कचरे में मच्छरों के पनपने के कारण डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
गाड़ियों के ट्रिप बढ़ाने में भी हुआ नगर निगम नाकाम
नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने विपक्षी पार्षदों से समस्या के समाधान के लिए गाड़ियों के ट्रिप बढ़ाने की बात कही थी, लेकिन स्थिति इसके विपरीत हो गई। गाड़ियां समय पर नहीं पहुंच रही हैं, जिससे कचरा इकट्ठा हो रहा है और लोग बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।
महापौर को खुद हस्तक्षेप कर सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करना चाहिए था : नेता प्रतिपक्ष
नेता प्रतिपक्ष अमरीष मिश्रा ने कहा है कि नगर निगम की लापरवाही और अनिच्छाशक्ति के चलते शहर में डेंगू के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब पिछले ठेकेदार के आउटसोर्स कर्मचारियों द्वारा हड़ताल की गई थी, तब महापौर को खुद हस्तक्षेप कर सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करना चाहिए था। लेकिन इसके बजाय, नए ठेके के नाम पर पूरी जिम्मेदारी नगर निगम पर डाल दी गई, जिससे व्यवस्था और बिगड़ गई।
मच्छर मारने वाली दवा का छिड़काव भी नाकाफी, फॉगिंग मशीनें भी हुई नदारद
दूसरी ओर, मच्छर मारने वाली दवा के छिड़काव की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि दवा की गुणवत्ता खराब होने के कारण मच्छरों पर इसका कोई असर नहीं हो रहा है और न ही फॉगिंग मशीन से धुआ किया जा रहा है। हर एक वार्ड में दवा छिड़कने वाली टीम केवल दो दिन ही निर्धारित है, जिससे पूरे क्षेत्र में सही से दवा का छिड़काव नहीं हो पाता और मच्छर पनप रहे हैं।
समस्या के समाधान की जरूरत
डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए, नगर निगम को कचरा कलेक्शन और मच्छर मारने की दवा के छिड़काव की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की सख्त जरूरत है। नियमित कचरा कलेक्शन और प्रभावी दवा छिड़काव के बिना डेंगू के मामलों को नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है।
जनता से अपील
बरसात के समय डेंगू फैलाने वाले मच्छर साफ पानी में पनपते हैं, इसलिए आसपास के क्षेत्रों में जमा पानी को हटाना आवश्यक है। गड्डों में बरसात का पानी न इकट्ठा होने दें और नालियों में जला हुआ आयल डालें, ताकि मच्छर पनप न सकें। इसके साथ ही, मच्छरदानी का प्रयोग और घरों में रखे पानी को नियमित रूप से बदलना, पूरे शरीर को कपड़े से ढांक कर रखना भी बचाव के लिए आवश्यक है। यह सावधानियां अपनाकर हम डेंगू जैसी खतरनाक बीमारी से सुरक्षित रह सकते हैं। कांग्रेस पार्षद, अदिति अतुल बाजपेयी
