दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। अंपायर टॉकीज, जो कभी प्रेमनाथ का सपना और जबलपुर की धरोहर हुआ करती थी, आज नगर निगम द्वारा गिरा दी गई। इस टॉकीज के साथ प्रेमनाथ की कई कहानियां जुड़ी हुई हैं।
प्रेमनाथ को युवावस्था में थिएटर से अत्यधिक लगाव था। अंग्रेजों के शासन काल में, उन्होंने दीवार कूदकर थिएटर देखने का प्रयास किया। एक बार कर्मचारियों ने उन्हें पकड़ लिया, तब उन्होंने प्रण लिया कि एक दिन वह इस थिएटर को खरीदेंगे या इसके जैसा थिएटर जरूर बनाएंगे।
फिल्म जगत से जुड़ने के बाद, प्रेमनाथ ने 1952 में अंपायर थिएटर खरीद लिया, जो बाद में अंपायर टॉकीज बन गया। वे अक्सर यहां आते और कर्मचारियों का पूरा ध्यान रखते थे। उनकी बहन की शादी राज कपूर से होने के बाद, वे राज कपूर के साथ जबलपुर आए और अंपायर टॉकीज में कर्मचारियों के साथ फोटो सेशन भी कराया। मुंबई में रहते हुए भी प्रेमनाथ यहां के कर्मचारियों का ख्याल रखते थे।
हालांकि, 2012 में अंपायर टॉकीज की सीलिंग और सामने का कुछ हिस्सा गिर गया। इसके बाद से अंपायर टॉकीज की स्थिति दिन प्रतिदिन खराब होती गई। अंततः, नगर निगम ने आज इस जर्जर भवन को गिरा दिया, जिससे अब केवल अंपायर टॉकीज का नाम ही रह जाएगा।
