दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। पूरे देश के साथ-साथ संस्कारधानी जबलपुर में भी भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है। शहर भर में भगवान श्री कृष्ण की पूजा-अर्चना और मटकी फोड़ प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया है। मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर "जय कन्हैया लाल की" के जयकारे गूंज रहे हैं, और श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है।
शहर के प्रमुख मंदिरों में से एक, पचमठा मंदिर, जिसे लघु काशी के नाम से भी जाना जाता है, में आज सुबह मंगल आरती के साथ कृष्ण जन्मोत्सव की शुरुआत हुई। भगवान श्री कृष्ण के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा हुआ है, और दिन भर यहां पूजन और छप्पन भोग का आयोजन होगा। रात 12 बजे भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव का विशेष आयोजन शहनाई वादन के साथ किया जाएगा।
जबलपुर के सबसे प्राचीन नरसिंह मंदिर में भी विशेष आयोजन हो रहे हैं। नरसिंह पीठ के डॉक्टर स्वामी नरसिंह दास के सानिध्य में भगवान के श्रीविग्रह का पूजन किया जाएगा। यहां शाम 7 बजे से भजन-कीर्तन का कार्यक्रम शुरू होगा, जो रात 12 बजे भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव और महाआरती के साथ समाप्त होगा। इसके बाद प्रसाद वितरण भी किया जाएगा।गीता धाम गौरी घाट और हरे कृष्णा आश्रम भेड़ाघाट में भी कृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। हरे कृष्णा आश्रम में शाम 4:30 बजे राधा कृष्ण का अभिषेक किया जाएगा, जिसके बाद कीर्तन, आरती और भंडारे का आयोजन होगा। यहां बच्चों के लिए मटकी फोड़ प्रतियोगिता भी आयोजित की गई है।
इस बार, पहली बार जबलपुर के कॉलेजों में भी जन्माष्टमी का उत्सव मनाया जा रहा है। उच्च शिक्षा विभाग ने सभी शासकीय कॉलेजों को छात्रों के साथ मिलकर कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इस निर्देश के तहत रविवार को कॉलेज प्रबंधन ने छात्रों को फोन कर कॉलेज में उपस्थित होने के लिए कहा। हाल ही में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के जबलपुर प्रवास के दौरान सभी प्राचार्यों को इस बारे में निर्देश दिए गए थे।
Tags
jabalpur


