दैनिक सांध्य बन्धु उज्जैन। महाकाल मंदिर में शुक्रवार सुबह भस्म आरती के दौरान 12 से ज्यादा श्रद्धालुओं के कपड़े उतरवाए गए। ये श्रद्धालु निक्कर पहने हुए थे, जिन पर महाकाल लिखा हुआ था और त्रिपुंड बने हुए थे। मंदिर के कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों ने इन श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में ही रोककर उनके कपड़े उतरवाए और उन्हें नए कपड़े पहनने के लिए दिए।
मंदिर के महेश पुजारी ने बताया कि इस तरह के कपड़े पहनने से धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं। उन्होंने मंदिर में ड्रेस कोड लागू करने की जरूरत बताई और कहा कि यह कदम धार्मिक अनुशासन बनाए रखने के लिए आवश्यक है। पुजारी महेश शर्मा ने बताया कि मंदिर में अक्सर छोटे निक्कर और शॉर्ट ड्रेस पहनकर आने की घटनाएं सामने आती हैं, जो मंदिर के अनुशासन के खिलाफ हैं।
मंदिर प्रशासन ने पुष्टि की कि कार्रवाई के बाद कुछ भक्त अफरा-तफरी में छिपने लगे थे, लेकिन जिनकी निक्कर उतरवाई गई, उन्हें नया कपड़ा प्रदान किया गया। महाकाल मंदिर के प्रशासक गणेश धाकड़ ने कहा कि वे फिलहाल बाहर हैं और वापस लौटकर इस मामले की पूरी जानकारी देंगे।
मंदिर के आसपास धार्मिक वस्त्रों की दुकानों पर महाकाल लिखी टी-शर्ट, दुपट्टा, कुर्ता, और शॉर्ट्स उपलब्ध हैं, जिन्हें भक्त मंदिर में प्रवेश से पहले पहनते हैं।
