दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। बाल विवाह रोकने के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी किए गए निर्देशों के बाद जबलपुर में अब शादी कराने से पहले पंडितों को और बारात घर व होटल संचालको को भी वर और वधू का जन्म प्रमाण पत्र देखना अनिवार्य कर दिया गया है। अगर यह नियम नहीं माना गया तो बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जिला अदालत जज डीपी सूत्रकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, विवाह समारोह के आयोजकों और पंडितों को वर और वधू की आयु जांचने का आदेश दिया गया है। यदि वर की आयु 21 वर्ष और वधू की आयु 18 वर्ष से कम है, तो विवाह संपन्न नहीं कराया जाएगा।
इसके अलावा, विवाह स्थल पर बुकिंग करने से पहले मैरिज गार्डन और होटल संचालकों को भी वर और वधू के जन्म प्रमाण पत्र की जांच करनी होगी। यदि कोई भी इन नियमों का उल्लंघन करता है तो उस पर दो साल की सजा और एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।
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