दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। "हम होंगे कामयाब" अभियान के अंतर्गत गुरुवार को जबलपुर के जिला अस्पताल स्थित स्वामी विवेकानंद सभागार में पीसीपीएनडीटी (पूर्व गर्भाधान और पूर्व प्रसव निदान तकनीक) अधिनियम पर आधारित एक दिवसीय अंतर्विभागीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में आशा और आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ विषय विशेषज्ञों ने भी सक्रिय रूप से सहभागिता की।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय मिश्रा ने भ्रूण लिंग जांच को दंडनीय अपराध बताते हुए सभी से इसके उन्मूलन में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा, "प्रत्येक नागरिक का यह कर्तव्य है कि भ्रूण लिंग जांच की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाता है और उन्हें शासन द्वारा प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है।"
कार्यशाला में पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रावधानों, इसके कानूनी पहलुओं और लागू करने की प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. मनीष मिश्रा, वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट डॉ. पुष्पराज भटेले, पीसीपीएनडीटी सलाहकार डॉ. दिनेश कोंढ़िया, नोडल अधिकारी देवर्षि पिंचा, महिला एवं बाल विकास विभाग के विकेश राय, और इंचार्ज आकाश गुप्ता उपस्थित रहे।
