होटलों, क्लबों में रही धूम, सड़कों पर मयकश लहराये
दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। वर्ष 2024 के रात 12 बजते ही इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। नई सुबह के साथ नये साल 2025 का आगाज हो गया। बीते वर्ष की विदाई और नये वर्ष के स्वागत में शहर में जमकर जश्न मनाया गया। होटलों, क्लबों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ नये वर्ष का स्वागत हुआ। वहीं मयकशों ने जमकर जाम छलकाए, यूं तो शाम ढलते ही मयखानों में रोज ही जाम छलकते हैं। धर्म-कर्म में विश्वास रखने वालों ने भगवान का भजन-पूजन और मंत्रों का जाप कर आने वाले नए साल का आगाज अच्छा हो इसके लिए ईश्वर से प्रार्थना की, जबकि चकाचौंध और हो-हल्ले से दूर रहने वाले लोग एक हफ्ते पूर्व ही नया वर्ष मनाने धार्मिक व पर्यटन स्थलों पर जा चुके थे। जिन्हें खुशी और पीने का बहाना चाहिए वे नये साल के नाम पर जाम पर जाम छलकाते रहे।शहर की नामचीन होटलों ने भी म्यूजिकल डांस और जाम छलकाने के इंतजाम आकर्षक पैकेज के साथ किये थे। धनाढ्य वर्गीय लोगों ने शहर की थ्री-स्टार कही जाने वाली होटलों में नये साल का जश्न मनाया। वहीं अभिजात्य वर्गीय क्लबों में भी नये साल के जश्न का खूब रंग जमा। नाच गानों के साथ नये साल का आगाज किया गया। रात 12 बजे जैसे ही घड़ी के कांटे आपस में मिले। वैसे ही लोग खुशी से झूम उठे और शानदार आतिशबाजी कर बीत रहे वर्ष को बाय-बाय और आ रहे नये साल को वैलकम किया। नये साल के जश्न में मयखानों से नशे में चूर होकर निकले नौजवान युवकों ने शहर की सड़कों पर जमकर हुड़दंग भी मचाई। एक बार ऐसा लगा कि नये साल का जश्न है या होली जैसी हुड़दंग। कालोनियों में भी नये साल पर जश्न का माहौल देखा गया। डीजे लगाकर लोग नाचते रहे। कालोनियों व अपार्टमेंटों में नव वर्ष की पूर्व संध्या पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ रात्रिभोज भी आयोजित किये गये। हुड़दंग मचाने वालों पर पुलिस ने लगाम भी कसी लेकिन पुलिस की सक्रियता सिर्फ प्रमुख चौराहों और मयखानों तक ही सीमित रही। गली कूचों में देर रात तक होहल्ला होता रहा। नये वर्ष के पहले दिन 1 जनवरी को शहर के पर्यटन स्थल भेड़ाघाट, बरगी बांध, टैम्भर फाल, परियट, डुमना नेचर रिजर्व पार्क, भंवरताल, टैगोर उद्यान, मदन महल में बड़ी संख्या में लोग पिकनिक मनाने पहुंचेगे।
