दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। मध्यप्रदेश में अनाथ बच्चों को शिक्षा और रोजगार में 5 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग को लेकर एक जनहित याचिका एमपी हाईकोर्ट जबलपुर में दायर की गई है। याचिका दिशा एजुकेशन एंड फाउंडेशन के अध्यक्ष कैलाश कुमार वासनिक द्वारा दाखिल की गई है, जो लंबे समय से अनाथ बच्चों के हित में कार्य कर रहे हैं।
याचिका क्रमांक WP/11451/2025 में मांग की गई है कि अनाथ बच्चों को एक अलग वर्ग में वर्गीकृत कर शिक्षा और सरकारी रोजगार में कम से कम 5 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि दिल्ली, महाराष्ट्र और उत्तराखंड जैसे राज्यों में पहले से ही अनाथ बच्चों को आरक्षण दिया जा रहा है। दिल्ली विश्वविद्यालय में भी अनाथ छात्रों को हर संकाय में विशेष आरक्षण प्राप्त है।
सोमवार को इस याचिका पर मुख्य न्यायाधीश सुरेश कैत और न्यायमूर्ति विवेक जैन की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए मध्यप्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया। अदालत ने राज्य सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा है कि क्या इस विषय में सुप्रीम कोर्ट में कोई याचिका लंबित है और अगर है, तो उसकी वर्तमान स्थिति क्या है।
खंडपीठ ने सरकार को अगली सुनवाई में सभी तथ्यों के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई की तारीख 5 मई तय की गई है।