दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। रामानंद संप्रदाय के प्रधान आचार्य जगदगुरु स्वामी रामनरेशाचार्य, जो भोपाल से जबलपुर आ रही श्रीधाम एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे थे, अचानक पिपरिया स्टेशन के पास लापता हो गए थे। उनकी आखिरी लोकेशन पिपरिया स्टेशन पर मिली थी, जिससे हड़कंप मच गया था।
गुरुवार सुबह स्वामी रामनरेशाचार्य श्रीधाम एक्सप्रेस से भोपाल से जबलपुर के लिए निकले थे। उन्हें प्रेमानंद आश्रम, गौरीघाट में एक सप्ताह के धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लेना था। लेकिन रास्ते में अचानक उनकी लोकेशन ट्रेस होना बंद हो गई।
उनके साथ चल रहे सुरक्षा कर्मियों ने जब उन्हें काफी देर तक ट्रेन में नहीं पाया, तो जीआरपी और आरपीएफ को सूचना दी गई। इसके बाद भोपाल से जबलपुर के बीच के सभी स्टेशनों पर उनकी तलाश शुरू की गई। पिपरिया स्टेशन पर सीसीटीवी फुटेज में उनका 10 सेकंड का एक वीडियो मिला, जिसमें वे प्लेटफॉर्म पर दिखाई दिए।
घटना के बाद प्रशासन सतर्क हो गया था। अंततः यह राहत भरी खबर आई कि स्वामी रामनरेशाचार्य महाराष्ट्र के भुसावल में सुरक्षित मिल गए हैं।
स्वामी रामनरेशाचार्य कौन हैं?
वे रामानंदी वैष्णवों की मूल आचार्यपीठ श्रीमठ के पीठाधीश्वर हैं।
वे पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हाराव द्वारा गठित रामालय ट्रस्ट के संयोजक रह चुके हैं, जो अयोध्या में राममंदिर निर्माण के लिए बना था।
इस ट्रस्ट में द्वारका और ज्योतिष पीठ के स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती तथा श्रृंगेरी पीठ के स्वामी भारती तीर्थ भी शामिल थे।