दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। भाजपा विधायक राजेन्द्र मेश्राम की मुश्किलें अब बढ़ती नजर आ रही हैं। जबलपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने उनके खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज करते हुए 4 अगस्त को पेश होने का आदेश दिया है। यह मामला एक सार्वजनिक सभा के दौरान सिंगरौली जिला भूमि अर्जन समिति के सदस्य देवेंद्र पाठक को ‘चोर’ कहकर अपमानित करने से जुड़ा है।
मामले में पीड़ित देवेंद्र पाठक उर्फ दरोगा पाठक ने विधायक के बयान को अपनी छवि को ठेस पहुंचाने वाला बताते हुए कोर्ट में परिवाद दायर किया था। कोर्ट ने इस शिकायत को गंभीर मानते हुए न केवल मामले में संज्ञान लिया, बल्कि विधायक को बयान के लिए व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है।
यह घटना एक आमसभा के दौरान हुई थी, जिसमें भाजपा विधायक राजेन्द्र मेश्राम ने मंच से बोलते हुए देवेन्द्र पाठक पर आरोप लगाए कि वे "कंपनी के खिलाफ लोगों को भड़काते हैं", कमीशन की मांग करते हैं और उन्होंने सभा में खुलेआम उन्हें ‘चोर’ और ‘क्षेत्र का लुटेरा’ कहा। विधायक ने यहां तक कहा, "उसके दादा ने नाम गलत रखा, उसे 'चोर पाठक' होना चाहिए था। ऐसे व्यक्ति को जीने का अधिकार नहीं है।"
विधायक की इस तीखी टिप्पणी से सभा में मौजूद लोगों के बीच रोष फैल गया। बाद में सभा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो गया, जिससे मामला और गरमा गया।
एमपी-एमएलए कोर्ट ने इसे जनप्रतिनिधि की मर्यादा के खिलाफ बताया और कहा कि इस तरह की सार्वजनिक टिप्पणी किसी व्यक्ति की छवि को नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे मानहानि का मामला बनता है। इसी आधार पर कोर्ट ने राजेन्द्र मेश्राम के खिलाफ केस दर्ज किया है।