दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। खितौला स्थित इसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक में 11 अगस्त को हुई करीब 15 करोड़ रुपये की डकैती का मास्टरमाइंड पाटन का कुख्यात जुआरी रहीस सिंह लोधी निकला। रहीस को दमोह स्थित ससुराल से गिरफ्तार किया गया है। उसके सहयोगी भी पुराने सटोरिया और जुआ फड़ चलाने वाले बताए जा रहे हैं।
डकैतों से जेल में हुई थी मुलाकात
पुलिस की पूछताछ में रहीस ने कबूल किया कि उसकी मुलाकात फरार डकैतों से छत्तीसगढ़ के राजगढ़ जेल में हुई थी, जब वह मादक पदार्थ अधिनियम के मामले में बंद था। वहीं से उन्होंने बैंक डकैती की साजिश रची। वारदात के बाद जेवरात का बंटवारा नहीं हो सका। रहीस के मुताबिक, उसके साथी पूरे जेवर और आधा नगद लेकर फरार हो गए थे।
डकैत झारखंड-बिहार भागने की आशंका
वारदात को अंजाम देने के बाद नकाबपोश डकैत करीब 14 करोड़ का सोना और 5 लाख रुपये नकद लेकर फरार हो गए। पुलिस का मानना है कि आरोपी बिहार-झारखंड सीमा की ओर भागे हैं। उनकी तलाश में जबलपुर पुलिस की 5 विशेष टीमें सक्रिय रूप से दबिश दे रही हैं।
किराए के मकान से बनाई थी योजना
पुलिस जांच में सामने आया कि डकैत घटना से 5 दिन पहले खितौला की एक बस्ती में किराए का मकान लेकर रह रहे थे। यह मकान पाटन निवासी रहीस ने अपने दोस्तों के साथ मकान मालिक इंद्रजीत विश्वकर्मा से लिया था। मकान किराए पर दिलाने वाले सोनू बेन के साथ रहीस के संबंधों की भी पड़ताल जारी है।
इनाम बढ़ा, जांच तेज
डकैतों की गिरफ्तारी के लिए एसपी सम्पत उपाध्याय ने पहले 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, जिसे आईजी प्रमोद वर्मा ने बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दिया है।
