दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के तहत मतदाताओं के सत्यापन कार्य में लापरवाही सामने आने पर जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कठोर कार्रवाई करते हुए दो बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) और एक पटवारी को निलंबित कर दिया है। साथ ही एक सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) और आठ बीएलओ सुपरवाइजरों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
निलंबित बीएलओ में कैंट विधानसभा के मतदान केंद्र क्रमांक 150 के सहायक ग्रेड-3 संदीप नंदा और उत्तर विधानसभा के मतदान केंद्र क्रमांक 133 की वनरक्षक मोनू भारती शामिल हैं। संदीप नंदा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में कार्यरत हैं, जबकि मोनू भारती वन विभाग में पदस्थ हैं।
इसी प्रकार शाहपुरा तहसील के हल्का नंबर 35 रमखिरिया–ठूठा के पटवारी आशुतोष चतुर्वेदी को सत्यापन कार्य में बीएलओ के सहयोग न करने तथा पूर्व में दिए गए नोटिस का संतोषजनक उत्तर न देने पर निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि में संदीप नंदा को निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कार्यालय कैंट तथा मोनू भारती को निर्वाचन कार्यालय उत्तर से संबद्ध किया गया है। पटवारी आशुतोष चतुर्वेदी का मुख्यालय जिला निर्वाचन कार्यालय नियत किया गया है।
उधर, गणना पत्रक के डिजिटाइजेशन कार्य में प्रगति न होने और निर्देशों की अवहेलना करने पर एक एईआरओ और आठ बीएलओ सुपरवाइजरों को नोटिस जारी किए गए हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ज्योति परस्ते द्वारा जारी नोटिसों का जवाब 19 नवंबर दोपहर 12 बजे तक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। संतोषजनक जवाब न मिलने पर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
नोटिस प्राप्त करने वालों में जानकी उइके (एईआरओ, जबलपुर कैंट), बीएलओ सुपरवाइजर पुलकित त्रिवेदी, कैलाश उर्वेती, दीपक झारिया, अंकित विश्वकर्मा, जय विश्वकर्मा, राजकुमार मेहरा, सुरेंद्र बर्मन और आशुतोष गौतम शामिल हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समयबद्ध, पारदर्शी व सटीक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।