दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) जबलपुर ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे 226 करोड़ रुपये का टेंडर हासिल करने के आरोप में कैलाश देवबिल्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध संचालक और निदेशकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
प्रकोष्ठ के अनुसार कंपनी के प्रबंध संचालक कैलाश कुमार शुक्ला, निदेशक सीमा शुक्ला और भानू शुक्ला के खिलाफ धारा 34, 420, 465, 468, 471 और 120बी भा.द.वि. के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कंपनी ने मप्र पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के टेंडर क्रमांक टी.आर.-36/16, टी.आर.-13/20 और टी.आर.-35/20 प्राप्त करने हेतु इनॉक्सविंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विस लिमिटेड, नोएडा का दिनांक 2 मार्च 2017 का कूटरचित परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट लगाया।
जांच के दौरान जब इनॉक्सविंड के कॉर्पोरेट कार्यालय से दस्तावेज सत्यापित कराए गए तो पाया गया कि संबंधित परफॉर्मेंस सर्टिफिकेट कंपनी द्वारा जारी ही नहीं किया गया था। इसके आधार पर कैलाश देवबिल्ड इंडिया प्रा.लि. को 220 केवी के विंड फार्म पूलिंग सब स्टेशन का ठेका मिला था।
EOW का कहना है कि फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर मप्र पावर ट्रांसमिशन कंपनी से ठेके प्राप्त करना प्रथमदृष्टया प्रमाणित पाया गया। इसके बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 156/2025 दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है।