दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। बरगी डैम में गुरुवार शाम एक भयावह हादसा सामने आया, जब तेज आंधी-तूफान के बीच पर्यटकों से भरा क्रूज संतुलन खोकर पलट गया और देखते ही देखते नर्मदा की गहराई में समा गया। हादसे के वक्त क्रूज में 34 लोग सवार थे।
अब तक 6 शव बरामद किए जा चुके हैं, हालांकि प्रशासनिक पुष्टि 4 मौतों की हुई है। 22 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि 8 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। हादसा डैम के किनारे से लगभग 300 मीटर दूर हुआ, जहां अचानक 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने क्रूज को पलट दिया।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही State Disaster Response Force (SDRF) की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। अंधेरा और खराब मौसम बचाव कार्य में बड़ी बाधा बन रहे हैं, फिर भी टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटी हैं।
रेस्क्यू के दौरान गैस कटर से क्रूज को काटकर एक व्यक्ति को जिंदा बाहर निकाला गया, जो करीब 3 घंटे से अंदर फंसा हुआ था। डूबे हुए क्रूज को रस्सियों से बांधकर किनारे लाने की कोशिश की जा रही है, वहीं सेना और हैदराबाद से स्पेशल टीम की मदद भी ली जा रही है।
क्रूज पायलट का कहना है कि सभी सुरक्षा इंतजाम मौजूद थे, लेकिन तूफान इतनी तेजी से आया कि यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनने का मौका तक नहीं मिल पाया। वहीं, प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि कई लोग बिना लाइफ जैकेट के ही सवार थे।
इस दर्दनाक हादसे में खमरिया के एक ही परिवार के कई सदस्य भी लापता हैं, जिससे हालात और ज्यादा संवेदनशील हो गए हैं। मुख्यमंत्री ने घटना पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की सहायता देने का ऐलान किया है।
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