Jabalpur News: पेट से निकाला गया 5 किलो का ट्यूमर, डॉक्टरों की टीम ने बचाई महिला की जान

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर।
संस्कारधानी जबलपुर एक बार फिर उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं के लिए चर्चा में है। गोल बाजार स्थित सुधा मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम ने जटिल ऑपरेशन कर एक महिला मरीज के पेट से करीब 5 किलो वजनी ट्यूमर निकालकर उसकी जान बचा ली। ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत सामान्य है और वह तेजी से स्वस्थ हो रही है।

एक साल से दर्द और भूख से जूझ रही थी मरीज

कुंडम–खितौला क्षेत्र की निवासी सुमंती बाई पिछले करीब एक वर्ष से लगातार पेट दर्द की गंभीर समस्या से पीड़ित थीं। हालत यह हो गई थी कि वह कोई भी भोजन ठीक से नहीं कर पा रही थीं। परिजनों ने बताया कि इस दौरान कई जगह इलाज कराया गया, लेकिन कहीं भी बीमारी की सही पहचान नहीं हो सकी और न ही कोई राहत मिली।

सुधा हॉस्पिटल में हुई बीमारी की सटीक पहचान

जब सभी प्रयास असफल हो गए, तब परिजन सुमंती बाई को जबलपुर के गोल बाजार स्थित सुधा मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। यहां जांच के बाद पता चला कि मरीज के पेट में विशालकाय ट्यूमर है, जो पहले ही पेट के अंदर फट चुका है। इसके कारण जेली नुमा मटेरियल पूरे पेट में फैल गया था और आंतें एक कोने में सिकुड़ गई थीं, जिससे स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी थी।

4 से 5 घंटे चला बेहद जटिल ऑपरेशन


मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ. अर्पण मिश्रा, वरिष्ठ लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. एच. के. दामडे, एवं एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. विपिन रघुवंशी की अनुभवी टीम ने तत्काल ऑपरेशन का निर्णय लिया। करीब 4 से 5 घंटे तक चले इस जटिल ऑपरेशन में डॉक्टरों ने पहले आंतों को सावधानीपूर्वक सुलझाया और फिर मरीज के पेट से लगभग 5 किलो वजनी ट्यूमर को सफलतापूर्वक बाहर निकाला।

ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत स्थिर

ऑपरेशन के बाद सुमंती बाई की स्थिति अब पूरी तरह सामान्य बताई जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार समय पर सर्जरी नहीं होती, तो मरीज की जान को गंभीर खतरा हो सकता था। फिलहाल मरीज डॉक्टरों की निगरानी में है और तेजी से रिकवरी कर रही है।

परिजनों ने जताया अस्पताल प्रबंधन का आभार

मरीज के परिजनों ने कहा कि कई जगह इलाज कराने के बाद भी जब कहीं समाधान नहीं मिला, तब सुधा हॉस्पिटल आखिरी उम्मीद बना। यहां डॉक्टरों की अनुभवी टीम ने सही समय पर सही निर्णय लेकर उनकी मरीज की जान बचाई। परिजनों ने सुधा हॉस्पिटल प्रबंधन और डॉक्टरों की टीम का आभार व्यक्त किया।

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