दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) प्रयागराज। प्रयागराज माघ मेले में पिछले 5 दिनों से धरने पर बैठे ज्योतिष्पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तेज बुखार हो गया, जिसके बाद डॉक्टरों की सलाह पर सुबह करीब 10 बजे वे पालकी छोड़कर वैनिटी वैन में चले गए। शिष्यों के अनुसार, उन्होंने दवा ली और आराम किया। वसंत पंचमी के अवसर पर बड़ी संख्या में शिष्य उनका आशीर्वाद लेने पहुंचे थे, लेकिन जब उन्हें जानकारी मिली कि शंकराचार्य बाहर नहीं आए हैं, तो वैनिटी वैन के बाहर भीड़ जमा हो गई।
करीब 5 घंटे बाद दोपहर लगभग 3 बजे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद वैनिटी वैन से बाहर आए और पालकी पर बैठ गए। माघ मेला प्रशासन के साथ शंकराचार्य का चल रहा विवाद अब तक समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि जब तक प्रशासन उनसे माफी नहीं मांगता, तब तक वे स्नान नहीं करेंगे। उनका कहना है कि मौनी अमावस्या का स्नान अभी तक नहीं हुआ है, ऐसे में वसंत पंचमी का स्नान कैसे कर लें।
इस पूरे विवाद की जड़ 18 जनवरी मौनी अमावस्या की घटना है, जब शंकराचार्य पालकी में बैठकर स्नान के लिए जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोकते हुए पैदल जाने को कहा, जिस पर विरोध हुआ और शिष्यों के साथ धक्का-मुक्की की स्थिति बनी। इससे नाराज होकर शंकराचार्य शिविर के बाहर धरने पर बैठ गए थे। इसके बाद प्रशासन ने उन्हें 48 घंटे के भीतर दो नोटिस जारी किए, जिनमें उनकी शंकराचार्य पदवी और मौनी अमावस्या के दिन हुए विवाद को लेकर सवाल पूछे गए थे।
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