दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) धार। मध्य प्रदेश के धार स्थित विवादित धार्मिक स्थल भोजशाला में बसंत पंचमी के अवसर पर शुक्रवार को पूजा और नमाज एक साथ होने का दृश्य सामने आया। सूर्योदय के साथ ही हिंदू श्रद्धालुओं ने वाग्देवी (मां सरस्वती) की पूजा शुरू की। पूरे दिन भोजशाला परिसर में हवन, पाठ और यज्ञ का आयोजन चलता रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु वाग्देवी के दर्शन के लिए भोजशाला पहुंचे।
इसी बीच कमाल मौला मस्जिद में नमाज पढ़े जाने को लेकर वीडियो सामने आए हैं, जिनके बाद नए सिरे से चर्चा तेज हो गई है। जिला प्रशासन का दावा है कि भोजशाला परिसर में मुस्लिम समाज के लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से नमाज अदा की। वहीं, गुलमोहर कॉलोनी के कुछ रहवासियों ने अलग दावा करते हुए कहा कि डिप्टी कलेक्टर रोशनी पाटीदार और डीएसपी आनंद तिवारी ने उन्हें और उनके साथियों को करीब 16 घंटे तक कमाल मौला मस्जिद में रोके रखा, लेकिन दोपहर 2 बजे तक नमाज नहीं पढ़वाई गई। उनका आरोप है कि पीछे की ओर से कुछ चुनिंदा लोगों को नमाज पढ़वाकर उसका वीडियो बनाया गया।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ नमाजी पीले रंग की ‘वॉलेंटियर जैकेट’ पहने कमाल मौला मस्जिद के भीतर जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। एक अन्य वीडियो में नमाज अदा करने के बाद मुस्लिम समाज के लोग मस्जिद से बाहर लौटते नजर आ रहे हैं। इन वीडियो के आधार पर यह दावा किया जा रहा है कि निर्धारित समय के दौरान मस्जिद में नमाज पढ़ी गई।
गौरतलब है कि एक दिन पहले गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला में पूजा और नमाज को लेकर अहम आदेश दिया था। कोर्ट ने हिंदू पक्ष को सूर्योदय से सूर्यास्त तक मां सरस्वती की पूजा करने और मुस्लिम पक्ष को दोपहर 1 से 3 बजे तक जुमे की नमाज अदा करने की अनुमति दी थी। यह आदेश हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया था। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ ने की थी।
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