Jabalpur News: अल्मॉन्ट किड सिरप में मिला जानलेवा केमिकल, छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड जैसा खतरा, MP में सीज की कार्रवाई शुरू

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर बच्चों को एलर्जी और अस्थमा में दी जाने वाली अल्मॉन्ट किड सिरप खतरे की घंटी बन गई है। इस सिरप में वही इथाइलीन ग्लाइकॉल पाया गया है, जिसने कुछ माह पहले छिंदवाड़ा में कोल्ड्रिफ कफ सिरप कांड में 25 से अधिक मासूम बच्चों की जान ले ली थी।

यह केमिकल एक औद्योगिक रसायन है, जिसका इस्तेमाल गाड़ियों के कूलेंट और एंटी-फ्रीज बनाने में किया जाता है। बच्चों के शरीर में पहुंचने पर यह किडनी, नर्वस सिस्टम को गंभीर नुकसान पहुंचाता है और जानलेवा साबित हो सकता है।

तेलंगाना के बाद MP में अलर्ट, बिक्री और स्टॉक पर रोक

तेलंगाना सरकार द्वारा बैन लगाए जाने के बाद केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की रिपोर्ट के आधार पर मध्यप्रदेश सरकार ने भी तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। ड्रग कंट्रोलर दिनेश श्रीवास्तव ने बताया कि शनिवार को सभी राज्यों को नोटिस जारी किया गया था, जिसके बाद MP के हर जिले के ड्रग इंस्पेक्टर को निर्देश भेज दिए गए हैं। सिरप को सीज करने की प्रक्रिया पूरे राज्य में जारी है।

जबलपुर में मेडिकल स्टोर्स को सख्त निर्देश

जबलपुर में ड्रग इंस्पेक्टरों ने सभी मेडिकल दुकानों को निर्देश दिए हैं कि यदि अल्मॉन्ट किड सिरप का कोई भी स्टॉक मौजूद हो तो उसे तुरंत जमा (सरेंडर) कराया जाए। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जिले में स्टॉक मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच लगातार जारी है।

प्रतिबंधित बैच: बिहार की कंपनी का सिरप जानलेवा घोषित

तेलंगाना औषधि नियंत्रण प्रशासन की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बिहार स्थित ‘ट्रिडस रेमेडीज’ कंपनी द्वारा निर्मित बैच नंबर AL-24002 मिलावटी और जानलेवा है। यह सिरप बच्चों में एलर्जी, बुखार और अस्थमा के इलाज में आमतौर पर दी जाती है।

छिंदवाड़ा कांड की डरावनी यादें फिर ताज़ा

गौरतलब है कि कुछ माह पहले छिंदवाड़ा में कोल्ड्रिफ कफ सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकॉल पाए जाने से कई बच्चों की मौत हो गई थी। अब अल्मॉन्ट किड सिरप में इथाइलीन ग्लाइकॉल मिलने से वही आशंका फिर खड़ी हो गई है।

लैब रिपोर्ट में क्या निकला?

जांच में सामने आया कि इथाइलीन ग्लाइकॉल की मात्रा तय मानकों से कहीं ज्यादा है। यह केमिकल किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचाता है, तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है। बच्चों के लिए सीधे मौत का कारण बन सकता है।

केमिस्ट एसोसिएशन और प्रशासन अलर्ट मोड पर

जबलपुर केमिस्ट एंड ड्रग एसोसिएशन के पूर्व सचिव चंद्रेश जैन ने बताया कि प्रतिबंधित बैच का सिरप फिलहाल जबलपुर या आसपास के जिलों में उपलब्ध नहीं है। वहीं, ड्रग इंस्पेक्टर देवेंद्र जैन ने कहा कि जिले की हर मेडिकल शॉप की जांच की जा रही है डीलरों से भी जानकारी जुटाई जा रही है, AL-24002 बैच मिलने पर तुरंत अलग कर सीज किया जाएगा।

सावधानी ही सुरक्षा है

बच्चों की दवाओं में लापरवाही अब जानलेवा साबित हो रही है। प्रशासन की सख्ती के साथ-साथ अभिभावकों और डॉक्टरों की सतर्कता भी बेहद जरूरी है।

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