दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) शहडोल। शहडोल जिले के ब्यौहारी क्षेत्र में अवैध रेत खनन के खिलाफ कार्रवाई करना नायब तहसीलदार शनि द्विवेदी को भारी पड़ गया। रेत माफिया के हमले के बाद अब वे लगातार दहशत में हैं। उनका कहना है कि काली फिल्म लगी बोलेरो और स्कॉर्पियो से उनकी रेकी करवाई जा रही है, जिससे वे मानसिक तनाव में काम नहीं कर पा रहे।
हमले के बाद भी नहीं थमी धमकियां
नायब तहसीलदार शनि द्विवेदी ने बताया कि हमले के बाद से अज्ञात लोग उनके हर मूवमेंट पर नजर रख रहे हैं। घर और ऑफिस के आसपास संदिग्ध गतिविधियां बढ़ गई हैं। कार्रवाई के लिए निकलते ही काली फिल्म लगी गाड़ियां पीछा करने लगती हैं।
5 जनवरी की रात: जब मौत सामने दिखी
शनि द्विवेदी के मुताबिक, 5 जनवरी की रात उन्हें सरवाही खुर्द क्षेत्र में राजस्व भूमि से अवैध गतिविधि की सूचना मिली थी। पटवारी को साथ लेकर वे सरकारी वाहन से मौके की ओर निकले। रास्ते में तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उनकी गाड़ी को टक्कर मारने की कोशिश की। बचने के प्रयास में वाहन सड़क से उतर गया और पेड़ से टकराते-टकराते बचा।
वीडियो में साफ दिख रहा है कि रेत माफिया फावड़ा और लकड़ी लेकर अफसर पर हमला करने दौड़ा। बीच सड़क बाइक अड़ाकर सरकारी वाहन रोका गया और जान से मारने की धमकी दी गई।
पुलिस कार्रवाई पर सवाल
घटना के 10 दिन बाद भी मुख्य आरोपी अमरदीप सिंह बैस और ट्रैक्टर-ट्रॉली पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। अब तक सिर्फ एक बाइक जब्त हो सकी है। नायब तहसीलदार का आरोप है कि घटना की सूचना देने पर मौके पर सिर्फ एक सिपाही पहुंचा।
परिवार भी डरा, ट्रांसफर की मांग
हमले के बाद नायब तहसीलदार का परिवार भी सहमा हुआ है। पत्नी, मां और भाई उन्हें इस तरह की कार्रवाई से दूर रहने की सलाह दे रहे हैं। दो छोटी बेटियों की चिंता ने हालात और मुश्किल बना दिए हैं। इसी कारण उन्होंने बड़े अफसरों से ट्रांसफर का अनुरोध किया है।
राजस्व अमला भी पीछे हटा
ब्यौहारी क्षेत्र में पहले भी पटवारी और एएसआई की हत्या हो चुकी है। ऐसे में अब कोई भी पटवारी अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई में साथ जाने को तैयार नहीं है। यह हालात प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं।
एफआईआर न कराने का दबाव
सूत्रों के अनुसार, मुख्य आरोपी का राजनीतिक रसूख भी सामने आया है। घटना वाली रात नायब तहसीलदार पर एफआईआर न कराने का दबाव बनाया गया, लेकिन उन्होंने दबाव में आए बिना रिपोर्ट दर्ज करवाई।
प्रशासन का दावा: होगी बड़ी कार्रवाई
कलेक्टर केदार सिंह ने कहा है कि जिला प्रशासन मामले को गंभीरता से ले रहा है और जांच के आदेश दिए गए हैं। पुलिस जल्द बड़ी कार्रवाई करेगी।
ठेका निरस्त, फिर भी रेत माफिया बेलगाम
शहडोल में रेत का ठेका निरस्त होने के बावजूद सोन नदी से रोजाना करोड़ों की रेत चोरी हो रही है। सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉली रातभर रेत का परिवहन कर रही हैं। माफिया हथियारों से लैस हैं और विरोध पर हमला करने से नहीं चूकते।
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