दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) भोपाल। केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मासूम बच्चियों से दुष्कर्म की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है। दिल्ली के पूसा में आयोजित ‘समृद्ध दीदी से समृद्ध राष्ट्र: गणतंत्र दिवस अभिनंदन समारोह 2026’ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज भी जब ऐसी घटनाएं सुनने को मिलती हैं तो मन व्यथित हो जाता है और आत्मा रोती है।
6 साल की मासूम से दुष्कर्म की घटना से व्यथित हुए शिवराज
शिवराज सिंह चौहान ने रायसेन जिले की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ दिन पहले उन्हें छह साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की खबर मिली। इस मामले में आरोपी को पकड़ा गया, लेकिन उन्होंने सवाल उठाया कि “अपराधी तो पकड़ा गया, पर उस बेटी का भविष्य क्या होगा?”
उन्होंने बताया कि इसी सोच के तहत पीड़िता के खाते में 10 लाख रुपए जमा कराए गए, ताकि जब वह बड़ी हो तो उसे लगभग 28 लाख रुपए की राशि मिले और उसका भविष्य सुरक्षित हो सके।
ऐसी घटनाएं रोकने के लिए सामाजिक परिवर्तन जरूरी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए केवल कानून ही नहीं, बल्कि समाज की सोच बदलना जरूरी है। उन्होंने नशाखोरी को भी ऐसी घटनाओं का बड़ा कारण बताया और कहा कि नशामुक्ति अभियान जैसे प्रयास सामाजिक सशक्तिकरण के लिए अनिवार्य हैं।
महिलाएं राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत: शिवराज
स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि महिलाएं समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने कहा कि दीदियों की मौजूदगी से घर आंगन खुशियों से भर जाता है और अब यह सच में मायका बन गया है।
दीदियां दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती का स्वरूप
शिवराज ने महिलाओं को जीवित और जागृत देवियां बताते हुए कहा कि दीदियां दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती का स्वरूप हैं। उन्होंने बताया कि देश में अब 10 करोड़ महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़ी हैं, जो महिला सशक्तिकरण की ऐतिहासिक उपलब्धि है।
‘लखपति दीदी’ लक्ष्य को बताया मंत्र
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 करोड़ दीदियों को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य केवल योजना नहीं, बल्कि सरकार के लिए मंत्र है और इसे जल्द पूरा किया जाएगा।
आजीविका मिशन बना जन-आंदोलन
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आजीविका मिशन अब केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि क्रांति और जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। इस मिशन ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने के साथ-साथ सामाजिक बेड़ियों को तोड़ने का काम किया है।
अब व्यक्तिगत लोन लेना होगा आसान
उन्होंने कहा कि अगला लक्ष्य यह है कि यदि कोई दीदी व्यक्तिगत रूप से लोन लेना चाहती है, तो उस प्रक्रिया को आसान बनाया जाए, ताकि महिलाओं की आर्थिक शक्ति और मजबूत हो सके।
सरस मेलों का होगा विस्तार
केंद्रीय मंत्री ने घोषणा की कि सरस मेले अब सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी लगाए जाएंगे। इससे महिलाओं को अपने उत्पादों के लिए बड़ा और सही बाजार मिलेगा।
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