दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला सामने आने के बाद कॉलेज प्रबंधन ने कड़ा रुख अपनाया है। सीनियर छात्रों द्वारा एक जूनियर छात्र के साथ रैगिंग किए जाने की शिकायत के बाद जांच कर एमबीबीएस थर्ड ईयर के 8 छात्रों को दोषी पाया गया। इसके बाद सभी को छह माह के लिए निलंबित कर दिया गया है। साथ ही प्रत्येक छात्र पर 10-10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
यह घटना कॉलेज के हॉस्टल नंबर-1 की बताई जा रही है। हॉस्टल में रहने वाले एक जूनियर छात्र ने करीब एक सप्ताह पहले मेडिकल कॉलेज के डीन को लिखित शिकायत दी थी। छात्र ने आरोप लगाया कि सीनियर छात्रों ने उसे काफी देर तक कमरे के बाहर खड़ा रखा और उसके साथ रैगिंग की।
एंटी रैगिंग कमेटी ने की जांच
शिकायत मिलने के बाद कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी ने मामले की जांच की। जांच में एमबीबीएस थर्ड ईयर के 8 छात्र दोषी पाए गए। इसके बाद कॉलेज प्रबंधन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए सभी आरोपित छात्रों को छह माह के लिए कक्षाओं से निलंबित कर दिया। साथ ही उन्हें हॉस्टल से भी निष्कासित कर दिया गया है।
एनएमसी के नियमों के तहत हुई कार्रवाई
कॉलेज प्रशासन ने बताया कि यह कार्रवाई राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC), नई दिल्ली द्वारा 18 नवंबर 2021 को जारी गजट नोटिफिकेशन के नियमों के तहत की गई है।
डीन बोले- रैगिंग किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं
मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. नवनीत सक्सेना ने बताया कि एक जूनियर छात्र के साथ रैगिंग की शिकायत मिली थी। एंटी रैगिंग कमेटी की जांच में आठ सीनियर छात्र दोषी पाए गए, जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई है। मेडिकल कॉलेज या हॉस्टल परिसर में रैगिंग जैसी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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