फरीदाबाद की नीमका जेल में बंद अब्दुल रहमान की हत्या, हाई सिक्योरिटी बैरक में साथी कैदी ने किया हमला

दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) फरीदाबाद। हरियाणा के फरीदाबाद स्थित नीमका जेल में रविवार देर रात बंद कैदी अब्दुल रहमान की हत्या कर दी गई। हत्या उसी हाई सिक्योरिटी बैरक में हुई, जहां उसे रखा गया था। मर्डर केस में बंद कैदी अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट ने नुकीली चीज से हमला कर रहमान को गंभीर रूप से घायल कर दिया। जेल अधिकारियों को घटना की जानकारी मिलते ही वे बैरक में पहुंचे, लेकिन तब तक रहमान की मौत हो चुकी थी। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।

अब्दुल रहमान को मार्च 2025 में गुजरात ATS और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया था कि वह अलकायदा इन इंडियन सब-कांटिनेंट (AQIS) के आतंकी अबू सूफियान के संपर्क में था और अयोध्या में राम मंदिर को उड़ाने की साजिश रच रहा था। गिरफ्तारी के समय उसके पास से दो जिंदा हैंड ग्रेनेड और डेटोनेटर भी बरामद किए गए थे। एजेंसियों के अनुसार, उसे सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ा गया और ऑनलाइन ट्रेनिंग दी गई थी।

हत्या का आरोपी अरुण चौधरी जम्मू जिले के आरएस पुरा सेक्टर के खौर देओनियन गांव का रहने वाला है। उसका नाम दिसंबर 2023 में हुए अक्षय शर्मा हत्याकांड में सामने आया था। उसे पंजाब में पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था और पहले कठुआ जेल में रखा गया था। बाद में अक्टूबर 2024 में उसे फरीदाबाद की नीमका जेल में शिफ्ट किया गया था। अरुण पर हत्या और रंगदारी समेत कई मामले दर्ज हैं और उसने जेल प्रशासन पर रिश्वत लेने के आरोप भी लगाए थे।

जेल सूत्रों के अनुसार, दोनों कैदियों को अति विशेष सुरक्षा सेल में रखा गया था। इसी दौरान देर रात अरुण चौधरी ने अब्दुल रहमान पर हमला कर दिया। घटना के बाद जेल प्रशासन और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हाई सिक्योरिटी बैरक में हमलावर के पास नुकीली वस्तु कैसे पहुंची।

अब्दुल रहमान उत्तर प्रदेश के मिल्कीपुर का रहने वाला था और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से था। वह ई-रिक्शा चलाता था, जबकि उसके पिता चिकन की दुकान चलाते हैं। जांच एजेंसियों को उसके सोशल मीडिया अकाउंट पर कई भड़काऊ वीडियो मिले थे, जिनकी वजह से वह सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर आया था। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।

फिलहाल पुलिस और जेल प्रशासन इस मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं और हत्या के पीछे के कारणों तथा सुरक्षा में हुई चूक का पता लगाया जा रहा है।

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