दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) भोपाल। मध्य प्रदेश कैडर के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी नियाज खान एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने ब्राह्मण समाज को आबादी के अनुपात में आरक्षण दिए जाने की वकालत की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर किए गए उनके पोस्ट के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस तेज हो गई है।
नियाज खान ने अपने ट्वीट में ब्राह्मणों को सनातन धर्म का हजारों वर्षों से संरक्षक बताते हुए कहा कि उनके सर्वांगीण विकास के बिना न तो धर्म सुरक्षित रह सकता है और न ही राष्ट्र मजबूत हो सकता है। उन्होंने लिखा कि ब्राह्मण समाज को हर सरकारी योजना में आरक्षण मिलना चाहिए, ताकि उनका सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण हो सके।
उन्होंने यह भी तर्क दिया कि ब्राह्मणों को अब केवल प्रतीकात्मक सम्मान नहीं, बल्कि संवैधानिक और आर्थिक सहयोग की जरूरत है। नियाज खान के अनुसार, यदि ब्राह्मण समाज सशक्त होगा, तो देश का अध्यात्म और सांस्कृतिक आधार भी मजबूत होगा।
यह पहला मौका नहीं है जब नियाज खान अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में आए हों। इससे पहले भी वे सनातन धर्म, ब्राह्मण समाज और अन्य सामाजिक मुद्दों पर बेबाक राय रख चुके हैं। उनकी किताबों और सार्वजनिक वक्तव्यों को लेकर अक्सर विवाद और समर्थन—दोनों देखने को मिलते हैं।
इस ताजा बयान के बाद सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ ब्राह्मण संगठनों और यूजर्स ने उनकी मांग का समर्थन किया है, जबकि आलोचकों का कहना है कि यह बयान मौजूदा आरक्षण व्यवस्था और सामाजिक न्याय की अवधारणा पर सवाल खड़े करता है।
फिलहाल, नियाज खान का यह बयान एक नई बहस को जन्म दे चुका है, जिस पर सरकार और नीति-निर्माताओं की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
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