Jabalpur News: नई परिवहन नीति के विरोध में 2 मार्च से बसों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, होली से पहले ही बसों में उमड़ी भारी भीड़

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर।
राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित नई परिवहन नीति के विरोध में पूरे प्रदेश में 2 मार्च से शुरू होने जा रही बसों की प्रदेशव्यापी हड़ताल का असर अभी से दिखाई देने लगा है। होली के त्यौहार से पहले जहां सामान्यत: बसों में भीड़ बढ़ती थी, वहीं इस बार हड़ताल की आशंका के चलते दो दिन पहले से ही बसों में अत्यधिक भीड़ नजर आ रही है।

आईएसबीटी से चलने वाली बसों में बढ़ा दबाव

जिन शहरों और कस्बों के लिए बस ही प्रमुख सार्वजनिक परिवहन साधन है, वहां स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है। जबलपुर आईएसबीटी से चलने वाली लगभग सभी बसों में मजदूर वर्ग, विद्यार्थी और कामकाजी लोग अभी से अपने घरों की ओर रवाना होने लगे हैं। इसका सीधा असर यह हुआ है कि सामान्य दिनों की तुलना में बसों में यात्रियों की संख्या कई गुना बढ़ गई है।

यात्रियों का कहना है कि हड़ताल के कारण वे बाद में फंसने से बचने के लिए पहले ही अपने गंतव्य के लिए निकल पड़े हैं। बस स्टैंडों पर लंबी कतारें लग रही हैं और कई रूटों पर यात्रियों को खड़े होकर सफर करना पड़ रहा है।

होली से पहले बढ़ी चिंता

आमतौर पर होली के त्योहार पर छुट्टी मिलने के कारण लोग एक-दो दिन पहले यात्रा शुरू करते हैं, लेकिन इस बार 2 मार्च से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते त्योहार से पहले ही यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी है। ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे शहरों की ओर जाने वाली बसों में सबसे ज्यादा दबाव देखा जा रहा है।

बस ऑपरेटरों ने लिया सर्वसम्मत फैसला

उल्लेखनीय है कि हाल ही में सागर में आयोजित बैठक में मध्यप्रदेश बस ऑपरेटर ऑनर एसोसिएशन के बैनर तले प्रदेशभर के बस ऑपरेटर एकत्रित हुए थे। बैठक में सभी जिलों के प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से राज्य सरकार की नई परिवहन नीति के विरोध में 2 मार्च से पूरे मध्यप्रदेश में बसों की अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का निर्णय लिया था।

बस ऑपरेटरों का कहना है कि प्रस्तावित नई नीति से उन्हें आर्थिक नुकसान होगा और छोटे ऑपरेटरों का संचालन मुश्किल हो जाएगा। इसी कारण सरकार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।

यात्रियों की बढ़ी परेशानी

हड़ताल की घोषणा के बाद सबसे अधिक परेशानी आम यात्रियों को हो रही है। मजदूर, छात्र और नौकरीपेशा लोग समय से पहले अपने घर लौटने को मजबूर हैं। कई यात्रियों ने बताया कि अगर बसों का संचालन बंद हो गया तो उनके पास यात्रा का कोई दूसरा साधन नहीं बचेगा।

आगे और बढ़ सकती है भीड़

परिवहन विभाग और बस स्टैंड प्रबंधन का मानना है कि जैसे-जैसे 2 मार्च की तारीख नजदीक आएगी, वैसे-वैसे बसों में भीड़ और अधिक बढ़ सकती है। ऐसे में अव्यवस्था की स्थिति बन सकती है। फिलहाल, नई परिवहन नीति को लेकर सरकार और बस ऑपरेटरों के बीच किसी समाधान की घोषणा नहीं हुई है। यदि हड़ताल अपने निर्धारित समय पर शुरू होती है, तो इसका व्यापक असर पूरे प्रदेश की यात्री व्यवस्था पर पड़ेगा और होली के दौरान लाखों यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

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