दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। ओमती निवासी व्यापारी भगवानदास उर्फ बेबू कटारिया को चाइना चाकू बेचने के मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली। गुरुवार को उच्च न्यायालय ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
कोर्ट ने टिप्पणी की कि शहर में चाकूबाजी, हत्या के प्रयास और अवैध वसूली जैसे अपराधों में इसी तरह के प्रतिबंधित चाकुओं का इस्तेमाल हो रहा है। ऐसे में आरोपी को अग्रिम जमानत देना उचित नहीं होगा।
गढ़ा थाना पुलिस ने एक माह पहले गोसलपुर स्थित एक जनरल स्टोर पर कार्रवाई करते हुए 52 चाइना चाकू बरामद किए थे। इनमें अलग-अलग प्रकार के बटनदार चाकू शामिल थे।
पुलिस के अनुसार, पूर्णिमा जनरल स्टोर के काउंटर से दो कागज के डिब्बों में 20 काले रंग के बटनदार चाकू और तीन सफेद डिब्बों में 30 बटनदार चाकू रखे मिले। दुकान संचालक ब्रजेश साहू ने पूछताछ में बताया कि वह ये चाकू ओमती स्थित विजय जनरल स्टोर के संचालक भगवानदास कटारिया से थोक में खरीदता था।
ब्रजेश साहू के बयान के आधार पर पुलिस ने भगवानदास कटारिया की दुकान पर भी छापा मारा। हालांकि, बचाव पक्ष का कहना है कि उनकी दुकान से कोई अवैध वस्तु बरामद नहीं हुई।
आरोपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल खरे ने कोर्ट में दलील दी कि भगवानदास को केवल अन्य आरोपियों के मेमोरेंडम के आधार पर आरोपी बनाया गया है। उनकी उम्र 56 वर्ष है और स्वास्थ्य भी ठीक नहीं है, इसलिए उन्हें अग्रिम जमानत दी जानी चाहिए।
वहीं, अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि शहर में प्रतिबंधित चाकुओं का उपयोग गंभीर अपराधों में हो रहा है। यदि आरोपी को अग्रिम जमानत दी गई तो जांच प्रभावित हो सकती है।
कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
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