दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। शहर से लगभग 40 किलोमीटर दूर बेलखेड़ा शहपुरा के कछार गांव में दो भालुओं की मौजूदगी से दहशत का माहौल बना हुआ है। पिछले तीन दिनों से गांव के बाहरी इलाके और खेतों के पास भालू देखे जाने के बाद ग्रामीणों ने एहतियातन खेतों में जाना बंद कर दिया है।
ग्रामीणों के मुताबिक सोमवार, मंगलवार और बुधवार को लगातार भालू नजर आए। रिहायशी इलाके के करीब जंगली जानवरों की आवाजाही से लोग भयभीत हैं और शाम ढलते ही घरों में दुबकने को मजबूर हो रहे हैं।
खेतों में काम बंद, ग्रामीणों में डर
ग्रामीण मुन्ना ठाकुर और दिनेश वर्मा ने बताया कि भालुओं के गांव में आने से खेती-किसानी का काम प्रभावित हो गया है। लोगों को आशंका है कि अंधेरा होने पर भालू मवेशियों या इंसानों पर हमला कर सकते हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द भालुओं का रेस्क्यू किया जाए, ताकि किसी बड़ी घटना से बचा जा सके।
वन विभाग की सर्चिंग जारी
ग्रामीणों की शिकायत के बाद वन विभाग की टीम बुधवार को गांव पहुंची और जंगल व आसपास के क्षेत्रों में दिनभर सर्चिंग की। हालांकि भालू नजर नहीं आए। विभाग ने रात्रि गश्त बढ़ा दी है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
वन विभाग ने अपील की है कि ग्रामीण अकेले खेतों में न जाएं और रात के समय विशेष सावधानी बरतें।
पहले भी हो चुका है हमला
जानकारी के अनुसार, पांच दिन पहले चरगंवा क्षेत्र के पिपरिया गांव में भालू के हमले में 45 वर्षीय किसान संतराम डेहरिया घायल हो गए थे। इस घटना के बाद से ग्रामीण इलाकों में पहले ही भय का माहौल था, और अब कछार गांव में भालुओं की मौजूदगी ने चिंता और बढ़ा दी है।
वन विभाग पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और भालुओं की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है।
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