MP News: जीवाजी यूनिवर्सिटी में फार्मेसी छात्रों ने लॉ के सीनियर को पीटा, CCTV में कैद घटना; पीड़ित ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट हॉस्टल में फार्मेसी के छात्रों द्वारा लॉ के एक सीनियर छात्र के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। यह पूरी घटना CCTV कैमरे में कैद हो गई है। पीड़ित छात्र ने विश्वविद्यालय प्रबंधन और पुलिस से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट में इस्तेगासा दायर किया है।

शराब पार्टी के बाद हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, घटना 2 फरवरी की शाम की है। बीकॉम एलएलबी 10वें सेमेस्टर के छात्र सुधांशु अस्थाना हॉस्टल के बाहर टहल रहे थे। उसी दौरान फार्मेसी के थर्ड और फोर्थ ईयर के कुछ छात्र हॉस्टल में शराब पार्टी कर रहे थे। शोर-शराबा और गाली-गलौज का विरोध करने पर आरोपी छात्र नीचे आए और सुधांशु के साथ लात-घूंसों से मारपीट शुरू कर दी।

मारपीट में पीड़ित छात्र के कंधे और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं। घटना के दौरान मौजूद CCTV फुटेज में आरोपी छात्रों की पहचान भी हुई है।

रैगिंग और अभद्रता के आरोप

पीड़ित छात्र का आरोप है कि मारपीट करने वाले छात्र उसके जूनियर हैं, लेकिन वे लंबे समय से रैगिंग और अभद्र व्यवहार कर रहे थे। उन्होंने बताया कि ये छात्र अक्सर हॉस्टल में शराब पार्टी करते हैं और आने-जाने के दौरान कमेंट कर परेशान करते हैं। इस संबंध में पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई।

पुलिस और यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप

पीड़ित ने यूजीसी, विश्वविद्यालय प्रबंधन और पुलिस से शिकायत की, लेकिन FIR दर्ज नहीं होने पर कोर्ट की शरण ली। उनका कहना है कि समय पर कार्रवाई होती तो ऐसी घटना नहीं होती।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच के दिए आदेश

जीवाजी विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. विमलेन्द्र सिंह राठौर ने बताया कि छात्रों के बीच मारपीट की घटना हुई है। यह रैगिंग है या आपसी विवाद, इसकी जांच की जाएगी। कुलगुरु को शिकायत मिल चुकी है और फार्मेसी संस्थान से संबंधित छात्रों की जानकारी मांगी गई है। जांच समिति गठित कर दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पहले भी सामने आ चुके हैं रैगिंग के मामले

विश्वविद्यालय के हॉस्टलों में पहले भी रैगिंग की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पूर्व में शिकायत मिलने पर कुछ छात्रों को परीक्षा से वंचित भी किया गया था, लेकिन इसके बावजूद ऐसी घटनाएं रुक नहीं रही हैं।

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