दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए कांग्रेस और विपक्ष पर तीखा हमला बोला। करीब एक घंटा 37 मिनट के भाषण में उन्होंने कहा कि कांग्रेस के दौर में “डील” का मतलब बोफोर्स घोटाला था, जबकि आज ट्रेड डील देश के लिए गर्व का विषय बन चुकी है। प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर व्यक्तिगत हमले करने और “मोदी की कब्र खोदने” जैसे नारे लगाने का आरोप लगाते हुए इसे सार्वजनिक जीवन की मर्यादा के खिलाफ बताया।
प्रधानमंत्री के भाषण की शुरुआत होते ही विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी और राहुल गांधी को बोलने का मौका देने की मांग की। हंगामा बढ़ने पर प्रधानमंत्री ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का जिक्र करते हुए टिप्पणी की, जिसके बाद विपक्षी दलों के सांसदों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
अपने भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल दशकों तक सत्ता में रहे, लेकिन उनकी पहचान घोटालों से जुड़ी रही। उन्होंने बोफोर्स का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय डील का मतलब भ्रष्टाचार होता था, जबकि आज भारत अमेरिका और यूरोपियन यूनियन समेत कई देशों के साथ व्यापारिक समझौते कर रहा है, जिससे युवाओं और अर्थव्यवस्था को लाभ मिल रहा है।
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस सरकारों पर दूरदृष्टि और इच्छाशक्ति की कमी का आरोप लगाया और कहा कि उनकी सरकार को पिछली गलतियों को सुधारने में काफी ऊर्जा लगानी पड़ी। उन्होंने कहा कि आज भारत “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है और दुनिया में प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार है।
आर्थिक क्षेत्र का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि पहले बैंकिंग सेक्टर में “फोन बैंकिंग” के जरिए नेताओं के दबाव में लोन दिए जाते थे, जिससे बैंकिंग व्यवस्था कमजोर हुई। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने पारदर्शी व्यवस्था लागू की और अब नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) 1% से नीचे आ गया है और बैंकों का मुनाफा रिकॉर्ड स्तर पर है।
प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि करोड़ों गरीबों को पक्के घर, बिजली, पानी और गैस कनेक्शन दिए गए हैं, जबकि मुद्रा योजना और स्टार्टअप नीतियों से युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिले हैं। उन्होंने कहा कि 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं और भारत आज वैश्विक मंच पर मजबूत स्थिति में है।
भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध के नाम पर व्यक्तिगत और आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सेवा के भाव से काम कर रही है और “140 करोड़ देशवासी ही उनका रिमोट हैं।”
इससे पहले लोकसभा में भी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव प्रधानमंत्री के भाषण के बिना ही पास हो गया था, क्योंकि विपक्ष के विरोध के चलते उनका संबोधन टाल दिया गया था। 2004 के बाद यह पहली बार हुआ है जब धन्यवाद प्रस्ताव प्रधानमंत्री के भाषण के बिना पारित हुआ।
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