दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। सिहोरा में मंदिर परिसर में हुई तोड़फोड़ और हमले की घटना के बाद सकल हिंदू समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। विभिन्न हिंदू संगठनों ने इस घटना के विरोध में प्रशासन को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि आरती के समय कुछ असामाजिक तत्व मंदिर परिसर में घुस आए और जमकर तोड़फोड़ की। इस दौरान मंदिर में स्थापित मूर्ति को क्षतिग्रस्त किया गया और परिसर की ग्रिल भी तोड़ दी गई। इसके अलावा पत्थरबाजी और हमला किए जाने की बात भी सामने आई है, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
निर्दोषों को फंसाने का आरोप
पीड़ित पक्ष की ओर से पायल गुप्ता ने बताया कि उनके पिता सुशील गुप्ता मंदिर समिति से जुड़े हुए हैं और घटना के समय वहीं मौजूद थे। इसी आधार पर पुलिस ने बिना उचित जांच के उन्हें आरोपी बनाकर जेल भेज दिया। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर वास्तविक दोषियों की पहचान की जाए और निर्दोष लोगों को तुरंत रिहा किया जाए।
वहीं कंचन रजक ने आरोप लगाया कि उनका बेटा आईटीआई की पढ़ाई कर रहा है। पुलिस उनके घर पहुंची, नाम पूछकर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जिससे उसके भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है। परिजनों का कहना है कि उनका बेटा घटना से जुड़ा ही नहीं है।
जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी : पुलिस
इस मामले में पुलिस प्रशासन का कहना है कि घटना की जांच जारी है और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सकल हिंदू समाज ने चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई और निर्दोषों को न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
Tags
jabalpur
