Jabalpur News: 27 साल से फरार दो सजायाफ्ता हत्यारे कानपुर से गिरफ्तार, आजीवन कारावास की सजा के बाद जमानत पर छूटकर हो गए थे फरार

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। थाना हनुमानताल में वर्ष 1997 में दर्ज हत्या के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे दो सजायाफ्ता आरोपियों को पुलिस ने आखिरकार कानपुर से गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। दोनों आरोपियों को वर्ष 1999 में सत्र न्यायालय जबलपुर द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी, लेकिन जमानत पर रिहा होने के बाद वे फरार हो गए थे।

हत्या के मामले में सुनाई गई थी आजीवन कारावास की सजा

पुलिस के अनुसार अपराध क्रमांक 100/97 धारा 302 भादवि के तहत आरोपी (1) राजेन्द्र मराठा पिता बसंत मराठा उम्र 25 वर्ष निवासी बाबाटोला एवं (2) नरबद मराठा पिता बसंत मराठा उम्र 32 वर्ष निवासी बाबाटोला को वर्ष 1999 में सत्र न्यायालय जबलपुर द्वारा आजीवन कारावास से दंडित किया गया था। दोनों आरोपियों को उच्च न्यायालय जबलपुर से जमानत मिलने के बाद वे जबलपुर छोड़कर फरार हो गए थे।

दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उच्च न्यायालय द्वारा स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। लंबे समय से फरार रहने के कारण पुलिस अधीक्षक जबलपुर द्वारा दोनों आरोपियों पर चार-चार हजार रुपये का नगद इनाम भी घोषित किया गया था।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित की गई विशेष टीम

पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से.) द्वारा लंबित वारंटों की तामीली के लिए सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर आयुष गुप्ता एवं नगर पुलिस अधीक्षक गोहलपुर मधुर पटेरिया के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी हनुमानताल सुभाष चंद बघेल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।

टीम द्वारा लगातार संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही थी। इसी दौरान विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि दोनों आरोपी कानपुर में रहकर मजदूरी कर रहे हैं।

कानपुर में दबिश देकर दोनों आरोपियों को किया गिरफ्तार

सूचना मिलते ही पुलिस टीम को तत्काल कानपुर रवाना किया गया। टीम ने पतासाजी करते हुए दोनों फरार सजायाफ्ता आरोपी राजेन्द्र मराठा और नरबद मराठा को गिरफ्तार कर अभिरक्षा में लिया और 14 फरवरी 2026 को जबलपुर लाया गया। इसके बाद दोनों आरोपियों को माननीय मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कर केंद्रीय जेल जबलपुर भेज दिया गया।

दोनों आरोपी शातिर अपराधी, कई गंभीर मामलों में थे शामिल

पुलिस के अनुसार आरोपी नरबद मराठा के विरुद्ध 15 तथा राजेन्द्र मराठा के विरुद्ध 14 आपराधिक प्रकरण पूर्व से दर्ज हैं। इनमें हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, अवैध वसूली, मारपीट, आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।

इनकी रही सराहनीय भूमिका

फरार आरोपियों की गिरफ्तारी में सहायक उप निरीक्षक राजेश मिश्रा, उप निरीक्षक रोहिणी शुक्ला तथा प्रधान आरक्षक विनीत की सराहनीय भूमिका रही। 

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