दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। जबलपुर जिले के पाटन क्षेत्र अंतर्गत ग्राम छपरी इन दिनों एक आवारा सांड के आतंक से जूझ रहा है। हालात इतने भयावह हैं कि अब तक करीब 10 लोग उसके हमले में घायल हो चुके हैं, वहीं गांव में डर का माहौल इस कदर है कि बच्चे स्कूल जाना छोड़ चुके हैं और किसान खेतों तक जाने से कतरा रहे हैं।
दिव्यांग बच्चे पर हमला, हाथ-पैर टूटे
गांव निवासी राजेश कुमार के अनुसार, दो दिन पहले 12 वर्षीय दिव्यांग राहुल पटेल पर सांड ने अचानक हमला कर दिया। सांड ने उसे उठाकर पटक दिया, जिससे उसके दोनों पैर टूट गए। एक पैर में 8 और दूसरे में 3 टांके लगे हैं। घटना के बाद से परिवार में दहशत है और राहुल को घर से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा।
बच्चों ने स्कूल जाना छोड़ा, ग्रामीणों में दहशत
ग्रामीणों का कहना है कि सांड के डर से बच्चों ने स्कूल और आंगनबाड़ी जाना बंद कर दिया है। महिलाएं और बुजुर्ग भी घर से निकलने में डर रहे हैं। गांव के रास्तों पर सन्नाटा पसरा हुआ है।
खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे किसान
सांड के भय से किसान खेतों तक नहीं जा पा रहे हैं। फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है, जिससे नुकसान की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो फसलें बर्बाद हो सकती हैं।
पहले भी मचा चुका है आतंक, एक की हो चुकी मौत
ग्रामीणों ने बताया कि करीब 8 महीने पहले भी इसी सांड ने गांव में आतंक मचाया था। उस दौरान कई लोगों पर हमला हुआ था, जिनमें रविशंकर (51) गंभीर रूप से घायल हुए थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी।
पहाड़ पर छोड़ा गया, फिर लौट आया सांड
शिकायत के बाद नगर परिषद द्वारा सांड को पकड़कर पहाड़ पर छोड़ दिया गया था, लेकिन करीब एक माह पहले वह फिर गांव लौट आया और अब दोबारा हमला कर रहा है।
प्रशासन हरकत में, वेटनरी टीम रवाना
पाटन एसडीएम मानवेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जबलपुर से वेटनरी डॉक्टरों की टीम बुलाकर सांड को रेस्क्यू किया जा रहा है। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि सांड किसका है और गांव में कैसे पहुंचा।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल सांड को पकड़कर सुरक्षित स्थान (गोशाला) में भेजने की मांग की है, ताकि गांव में सामान्य स्थिति बहाल हो सके।
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