दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। शहर में अमृत 2 योजना के तहत बिछाई गई पाइपलाइन के बाद किए गए सड़क री-स्टोरेशन कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हालात इतने खराब हैं कि महज हल्की बारिश में ही कई प्रमुख मार्ग धंस गए और अब ये सड़कें राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं।
हल्की बारिश ने खोली घटिया काम की पोल
पिछले दो दिनों में हुई बेहद कम बारिश करीब आधा इंच (12.2 मिमी) से भी कमने ही सड़क निर्माण की हकीकत उजागर कर दी। कटंगा से ग्वारीघाट तक बनाई गई सड़क कई स्थानों पर करीब 6 इंच तक धंस गई है। वहीं कांचघर चौक से पुल नंबर 2 तक का मार्ग कीचड़ और फिसलन से भर गया है।
फिसलकर गिर रहे वाहन चालक
खराब सड़क की वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं। गुरुवार और शुक्रवार को कई दोपहिया वाहन चालक फिसलकर गिर चुके हैं, जिससे लोगों में आक्रोश और डर का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह लापरवाही कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
लोक निर्माण मंत्री की फटकार के बाद भी नहीं चेती नगर निगम
इस परियोजना में नगर निगम द्वारा शुरुआत से ही लापरवाही लगातार बरती जा रही थी, जिस पर संज्ञान लेते हुए पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया था और संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई थी। इसके बाद महापौर अन्नु सिंह का बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने कहा कि परियोजना में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
री-स्टोरेशन में बरती गई भारी लापरवाही
विशेषज्ञों के अनुसार, सड़क री स्टोरेशन की प्रक्रिया में मिट्टी को मजबूत करने के लिए बार-बार पानी डालकर रोलर से दबाया जाता है, जो कम से कम 6 से 7 बार किया जाना चाहिए। इसके बाद हार्ड मुरम और गिट्टी डालकर फिर से रोलर चलाया जाता है, ताकि सड़क मजबूत बने। लेकिन यहां केवल औपचारिकता निभाते हुए एक बार ही रोलर चलाया गया, जिससे सड़क की नींव कमजोर रह गई और हल्की बारिश में ही धंसाव शुरू हो गया। कटंगा ग्वारीघाट मार्ग के अलावा कांचघर चौक से पुल नंबर 2 तक की सड़क भी बेहद खराब स्थिति में पहुंच गई है। जगह-जगह गड्ढे और कीचड़ के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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