दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। इंदौर में हुए अक्षय शर्मा हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर जबलपुर में नया विवाद खड़ा हो गया है। एक तरफ जहां पुलिस दावा कर रही है कि आरोपियों को दबिश देकर पकड़ा गया, वहीं भाजपा नेत्री शिखा शर्मा का कहना है कि उनके दमाद सहित सभी आरोपियों ने खुद सरेंडर किया था।
ये है पूरा मामला?
इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में हुए अक्षय शर्मा हत्याकांड के तीन आरोपियों को जबलपुर पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया गया। इनमें भाजपा नेत्री शिखा शर्मा का दमाद शशिकांत शर्मा भी शामिल है। गिरफ्तारी के बाद इंदौर पुलिस आरोपियों को अपने साथ ले गई।
“गिरफ्तारी नहीं, सरेंडर कराया गया” — शिखा शर्मा
भाजपा नेत्री शिखा शर्मा ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, बल्कि उन्होंने खुद उन्हें थाने ले जाकर सरेंडर करवाया। उन्होंने बताया कि आरोपी शशिकांत शर्मा (उनका दामाद) और उसके भाई पहले से उनके संपर्क में थे। उन्होंने ही तीनों को बुलाया और लार्डगंज थाने ले गईं। पुलिस सरेंडर को गिरफ्तारी दिखाकर भ्रम फैला रही है।
वायरल वीडियो से बढ़ा विवाद
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें जबलपुर और इंदौर पुलिस की टीम राइट टाउन स्थित एक बिल्डिंग से शशिकांत शर्मा को पकड़ते हुए नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि आरोपी उस समय कमरे में मौजूद था।
“दबिश देकर की गई गिरफ्तारी” - पुलिस
सीएसपी रितेश कुमार शिव ने भाजपा नेत्री के आरोपों को खारिज करते हुए कहा इंदौर पुलिस की टीम जबलपुर आई थी और स्थानीय पुलिस से सहयोग मांगा था। सूचना के आधार पर आरोपी के ससुराल में दबिश दी गई।शशिकांत शर्मा मौके पर ही मिला, जिसे पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने अपने दो अन्य साथियों की जानकारी दी। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी मौजूद है।
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