दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (आरडीयू) के शैक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के चुनाव को लेकर माहौल गरमाता जा रहा है। 25 मार्च को होने वाले मतदान से पहले आज का दिन जोड़-तोड़ और रणनीति बनाने में बीता। कर्मचारी अपने अनुभवों के आधार पर बीते वर्षों का मूल्यांकन करते हुए नए नेतृत्व को लेकर मंथन कर रहे हैं।
विश्वविद्यालय में पदोन्नति के 70 पद खत्म होने, समयमान वेतन और लंबित पेंशन प्रकरणों को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी है। इन मुद्दों पर प्रशासन और कर्मचारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में कर्मचारी अब ऐसे नेतृत्व की तलाश में हैं, जो उनके अधिकारों के लिए मजबूती से आवाज उठा सके।
अध्यक्ष पद पर त्रिकोणीय मुकाबला
अध्यक्ष पद के लिए संजय यादव, वीरेंद्र पटैल और प्रेम प्रकाश पुरोहित के बीच कड़ा मुकाबला है। पहले जो समीकरण नजर आ रहे थे, वे अब पूरी तरह बदल चुके हैं।
वहीं महासचिव पद के लिए भी मुकाबला दिलचस्प हो गया है। पहले राजेंद्र शुक्ला की दावेदारी मजबूत मानी जा रही थी, लेकिन अब अंकित श्रीवास को विरोधी गुटों का समर्थन मिलने से मुकाबला कांटे का हो गया है।
गुटबाजी और ‘किंगमेकर’ की भूमिका
चुनाव में रीवा गुट और शहरी ब्राह्मण गुट के बीच खींचतान साफ दिखाई दे रही है। इस बीच पूर्व अध्यक्ष वंश बहोर पटेल एक बार फिर ‘किंगमेकर’ की भूमिका में नजर आ रहे हैं।
404 मतदाता तय करेंगे 36 उम्मीदवारों का भाग्य
निर्वाचन अधिकारी ने मतदान की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। कल सुबह 9 बजे से मतदान शुरू होगा, जिसमें 404 कर्मचारी मतदाता 36 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे।
ईसी-कोर्ट बैठक में पेश हुआ 2026-27 का बजट
इधर, विश्वविद्यालय में कार्य परिषद और कोर्ट की बैठक भी आयोजित की गई। कुलगुरु प्रो. राजेश वर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया गया।कुलसचिव प्रो. सुरेंद्र सिंह ने बजट का विवरण रखते हुए आय-व्यय, विकास कार्यों और वित्तीय घाटे को कम करने के उपायों पर चर्चा की। साथ ही आय के नए स्रोत बढ़ाने, विभागों को मजबूत करने और खर्चों पर नियंत्रण रखने पर भी जोर दिया गया। बैठक में प्रो. राकेश वाजपेयी, प्रो. विवेक मिश्रा, डॉ. चंद्रशेखर पटैल सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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