दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। गौर चौकी क्षेत्र के जमतरा घाट पर हुए हादसे के बाद ग्रामीणों का आक्रोश मंगलवार को सड़क पर फूट पड़ा। आकाश बर्मन की मौत के विरोध में ग्रामीणों ने गौर-एकता मार्केट के पास गौर-बरेला मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपए मुआवजा और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
हाईवे पर शव रखकर प्रदर्शन, घंटों बाधित रहा यातायात
ग्रामीणों ने सुबह से ही शव को सड़क पर रखकर विरोध शुरू कर दिया, जिससे मार्ग पर लंबा जाम लग गया और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए न्याय की मांग की।
प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा कर उन्हें शांत कराया। प्रशासन की ओर से मृतक के परिजनों को तत्काल 1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी गई और शासन की अन्य योजनाओं के तहत अतिरिक्त मदद का लिखित आश्वासन दिया गया।
हादसे की जांच के दिए आदेश
एसडीएम ने कहा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
अवैध उत्खनन पर कार्रवाई के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, सोमवार को नर्मदा नदी के जमतरा घाट पर अवैध रेत उत्खनन की सूचना पर प्रशासनिक टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची थी। टीम को देखते ही वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। इसी दौरान कुछ युवक नदी की ओर भागे, जहां आकाश बर्मन गिरकर गहराई में चला गया और उसकी डूबने से मौत हो गई।
ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप
घटना के बाद ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि युवक को जानबूझकर नदी में गिराया गया था, जिसके चलते क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। इसी के विरोध में ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया।
आश्वासन के बाद खत्म हुआ जाम
प्रशासन के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त कर मार्ग को बहाल किया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।
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