दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। आपातकालीन सहायता के लिए शुरू की गई डायल-112 सेवा की हालत पर सवाल खड़े हो गए हैं। कटंगी थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात डायल-112 की एफआरवी (फर्स्ट रिस्पांस व्हीकल) को धक्का देकर स्टार्ट करना पड़ा। इसका वीडियो शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें कुछ बच्चे गाड़ी को धक्का लगाते दिखाई दे रहे हैं।
बताया जा रहा है कि डायल-112 वाहन क्रमांक MP04-YQ-0974 बैटरी खराब होने के कारण बंद हो गई थी। इसके बाद वाहन को चालू करने के लिए बच्चों की मदद ली गई। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने सवाल उठाए कि जिन गाड़ियों को अपराध नियंत्रण और इमरजेंसी रिस्पॉन्स के लिए लगाया गया है, यदि वे समय पर स्टार्ट ही नहीं होंगी तो गंभीर मामलों में पुलिस किस तरह समय पर पहुंचेगी।
पहले भी सामने आ चुकी है ऐसी तस्वीर
यह पहला मामला नहीं है। सितंबर 2025 में भी जबलपुर में डायल-112 वाहन के खराब होने का मामला सामने आया था। उस समय वाहन धक्का देने के बाद भी स्टार्ट नहीं हुई थी, जिसके बाद उसे टोचन क्रेन पर लादकर मैकेनिक के पास भेजना पड़ा था।
14 अगस्त 2025 को शुरू हुई थी नई व्यवस्था
प्रदेश में पहले डायल-100 व्यवस्था संचालित होती थी, जिसे 14 अगस्त 2025 से बदलकर डायल-112 किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल से नई सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। जबलपुर जिले को 47 वाहन मिले थे, जिन्हें 4 सितंबर 2025 को जबलपुर रेंज के आईजी प्रमोद वर्मा ने रवाना कर थानों को सौंपा था।
प्रदेशभर में कुल 1200 वाहन शामिल किए गए हैं। इन वाहनों के संचालन के लिए 5 साल का 972 करोड़ रुपए का टेंडर दिया गया है, जबकि रखरखाव के लिए 719 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं डायल-112 वाहन
डायल-112 वाहनों में जीपीएस, वायरलेस सिस्टम, डिजिटल नेविगेशन, लाइव लोकेशन ट्रैकिंग और रियल-टाइम डेटा एनालिटिक्स जैसी आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। इनका उद्देश्य पुलिस, एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपात सेवाओं को एक ही नंबर पर उपलब्ध कराना है, ताकि लोगों को त्वरित सहायता मिल सके।
एएसपी बोले- दोबारा ऐसी स्थिति नहीं हो
एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने कहा कि वायरल वीडियो संज्ञान में आया है। संबंधित कंपनी के अधिकारियों से बात की गई है और उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि भविष्य में दोबारा वाहन की ऐसी स्थिति नहीं बननी चाहिए।
सवालों के घेरे में रखरखाव व्यवस्था
डायल-112 जैसी महत्वपूर्ण सेवा की गाड़ियों के खराब होने से रखरखाव व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी यदि वाहन धक्का देकर चालू करने पड़ें, तो यह व्यवस्था की गंभीर खामी को दर्शाता है।
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