बरगी क्रूज हादसा: पायलट का सनसनीखेज खुलासा— "7 महीने पहले दी थी इंजन खराबी की सूचना, विभाग ने दबा दी फाइल"

दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर।
बरगी बांध में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे में नया मोड़ आ गया है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में बयान दर्ज कराने पहुंचे क्रूज पायलट महेश पटेल ने पर्यटन विभाग और प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पायलट का दावा है कि क्रूज के इंजन में तकनीकी खराबी की जानकारी सात महीने पहले ही दे दी गई थी, जिसे नजरअंदाज किया गया। वहीं, इस मामले में हाईकोर्ट में एक नई याचिका दायर कर SIT जांच की मांग की गई है।

"भागा नहीं, बल्कि लहरों में बह गया था" : पायलट

बयान दर्ज कराते हुए पायलट महेश पटेल ने उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि वह हादसे के बाद यात्रियों को छोड़कर भाग गया था। पटेल ने कहा, "मैंने कई लोगों को बचाने का प्रयास किया। इसी दौरान पानी की एक तेज लहर क्रूज के भीतर आई और मैं बह गया।" पायलट ने यह भी बताया कि उसने सभी यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनने के लिए कहा था, लेकिन लोगों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।

मैनेजर को सस्पेंड करने का आरोप

महेश पटेल ने खुलासा किया कि अक्टूबर 2025 में ही मैकल रिसॉर्ट के मैनेजर सुनील मरावी ने लिखित रूप से तकनीकी खामियों की सूचना पर्यटन विभाग के भोपाल स्थित मुख्यालय को दी थी। पत्र में स्पष्ट था कि क्रूज के दो इंजनों में से एक की क्षमता कम हो गई थी और दूसरा कभी भी बंद हो जाता था। पटेल का आरोप है कि चेतावनी देने वाले मैनेजर को ही सस्पेंड कर दिया गया और मामले को दबाने का प्रयास किया गया।

SIT जांच की मांग

हादसे को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में एक और याचिका दायर की गई है। सामाजिक कार्यकर्ता पुष्पा तिवारी द्वारा दायर इस याचिका में केंद्र, राज्य सरकार और पर्यटन विभाग को पक्षकार बनाया गया है। याचिका में मांग की गई है कि आईजी रैंक के आईपीएस अधिकारियों की SIT टीम गठित कर जांच कराई जाए। 60 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की जाए।

जांच से पहले क्रूज तोड़ने पर उठे सवाल

बरगी विधायक नीरज सिंह ने क्रूज को आनन-फानन में तोड़े जाने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि यह जांच का विषय है कि आखिर किन अधिकारियों के निर्देश पर साक्ष्य मिटाने जैसी जल्दबाजी की गई और क्रूज को तुड़वाया गया। इसकी भी अलग से जांच कराई जाएगी।

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