नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बोले - हमारा एजुकेशन सिस्टम बच्चों को सिर्फ टेंशन देता है, 5 परीक्षाओं की तैयारी में खर्च होते हैं 5 लाख करोड़


दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) कोटा। 
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को कोटा के दशहरा मैदान में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के तहत स्टूडेंट्स और उनके अभिभावकों से सीधा संवाद किया। राहुल ने स्पष्ट किया कि यह कोई राजनीतिक मंच नहीं है, बल्कि युवाओं और छात्रों की आवाज उठाने का जरिया है। देश की शिक्षा प्रणाली पर गहरी चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि हमारा एजुकेशन सिस्टम बच्चों पर भारी दबाव डालता है और उन्हें सिर्फ तनाव (टेंशन) देता है। उन्होंने सभी से इस सिस्टम के खिलाफ मिलकर लड़ने की अपील की ताकि भविष्य में किसी भी बच्चे को आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम न उठाना पड़े।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों में होने वाले भारी-भरकम खर्च का मुद्दा उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि नीट (NEET) और जेईई (JEE) जैसी पांच प्रमुख परीक्षाओं की तैयारी में देश भर के परिवारों की जेब से करीब 5 लाख करोड़ रुपये छिन लिए जाते हैं। उन्होंने इस राशि की तुलना करते हुए बताया कि यह रकम केंद्र सरकार के पांच बड़े मंत्रालयों के कुल बजट के बराबर है। राहुल ने मौजूदा व्यवस्था को 'जेब खाली करने वाला सिस्टम' करार दिया, जो पढ़ाई, परीक्षा और रोजगार के नाम पर सिर्फ छात्रों और उनके परिवारों का पैसा खींचने का काम कर रहा है।

युवाओं के करियर विकल्पों और बेरोजगारी पर तीखा प्रहार करते हुए राहुल ने कहा कि आज देश में 100 में से 80 इंजीनियर बेरोजगार हैं। उन्होंने आंकड़े गिनाते हुए कहा कि हजार लोगों में से बमुश्किल 12 को रोजगार मिल पाता है, जबकि बाकी लोग कुली का काम करते हैं या ओला-उबर चलाने को मजबूर हैं। उन्होंने छात्रों से पूछा कि वे केवल आईआईटी, मेडिकल या यूपीएससी ही क्यों चुनना चाहते हैं? छात्रों ने जवाब दिया कि बचपन से उन पर यही थोपा जाता है, जबकि मौका मिले तो कई बच्चे डांसर या पायलट बनना चाहते हैं। मंच से एक छात्रा का सुसाइड नोट दिखाते हुए राहुल ने कहा कि यह उस बच्ची की विफलता नहीं, बल्कि पूरे एजुकेशन सिस्टम का फेल्योर है। उन्होंने वकालत की कि बच्चों को बिना लाखों रुपये खर्च किए अपनी पसंद की स्ट्रीम और करियर चुनने की पूरी आजादी होनी चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने कई छात्रों और उनके माता-पिता को मंच पर बुलाकर उनकी समस्याएं सुनीं। तनाव के माहौल का जिक्र करते हुए परिजनों ने बताया कि बच्चों के कुछ गलत कर बैठने के डर से वे रात में दो-तीन बार उठकर उन्हें चेक करते हैं। संवाद के समापन पर राहुल ने छात्रों के साथ सेल्फी ली और आगामी नीट परीक्षा के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं। इससे पहले, कोटा एयरपोर्ट पहुंचने पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राहुल गांधी का गर्मजोशी से स्वागत किया।

Post a Comment

Previous Post Next Post