दैनिक सांध्य बन्धु (एजेंसी) शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में शुक्रवार दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली और तेज बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। भारी वर्षा के कारण शहर की सड़कों और रास्तों पर जलभराव हो गया, जिससे स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और आम नागरिकों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शाम करीब 4 बजे ही आसमान में घने बादल छा गए और दिन में अंधेरे जैसा माहौल बन गया।
बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में पानी निकासी की व्यवस्था की भी पोल खुल गई। सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित रहा और लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने में दिक्कतें आईं।
2 जुलाई तक भारी बारिश के आसार
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, प्रदेश में अगले सात दिनों तक बारिश की संभावना बनी हुई है। 30 जून की रात से पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के अधिक सक्रिय होने के कारण 1 और 2 जुलाई को राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने चंबा सहित कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि शिमला, कुल्लू, मंडी और सिरमौर समेत कई क्षेत्रों में तेज बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई है।
लोगों और पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों से दूर रहने की अपील की है। प्रशासन ने भी खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
बारिश से तापमान में आई गिरावट
लगातार बारिश के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य से नीचे चला गया है। चंबा का अधिकतम तापमान सामान्य से 8.8 डिग्री सेल्सियस कम होकर 28.3 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं कांगड़ा, मनाली और सोलन में भी तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया है।
मानसून की दस्तक अब भी बाकी
हिमाचल प्रदेश में मानसून की एंट्री अभी तक नहीं हुई है और यह सामान्य समय से लगभग पांच दिन विलंबित चल रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार से पांच दिनों तक मानसून के प्रवेश की संभावना कम है। वहीं जून माह में अब तक प्रदेश में सामान्य से 31 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।
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