दैनिक सांध्य बन्धु जबलपुर। शहर के सेंट एलॉयसियस स्कूल में मंगलवार को कथित धर्मांतरण के आरोपों को लेकर जमकर हंगामा हुआ। बड़ी संख्या में हिंदू संगठन के कार्यकर्ता स्कूल परिसर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने उन्हें परिसर में प्रवेश से रोकने का प्रयास किया, जिससे धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति बन गई। प्रदर्शन के दौरान कुछ महिला कार्यकर्ताओं ने स्कूल की खिड़कियों के कांच तोड़ दिए और परिसर में लगे पोस्टर भी फाड़ दिए।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्कूल में कार्यरत हिंदू कर्मचारियों पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि जो कर्मचारी धर्म परिवर्तन के लिए तैयार नहीं होते, उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है।
स्कूल में सफाई कर्मचारी के रूप में कार्यरत राजेश कुमार ने आरोप लगाया कि वह पिछले 12 वर्षों से स्कूल में कार्यरत है, लेकिन पिछले तीन महीनों से उस पर चर्च जाकर प्रार्थना करने और धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया जा रहा था। राजेश का दावा है कि धर्म परिवर्तन से इनकार करने पर उसे बिना किसी नोटिस के नौकरी से हटा दिया गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि उससे रविवार और सरकारी अवकाश के दिनों में भी काम कराया जाता था।
कर्मचारियों की शिकायत मिलने के बाद करीब 50 हिंदू संगठन के कार्यकर्ता स्कूल पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब एक घंटे तक परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
सूचना मिलते ही कैंट, गोरा बाजार और गोरखपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए प्रदर्शनकारियों को स्कूल परिसर से बाहर किया। प्रदर्शन के बाद हिंदू संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में इस तरह की शिकायतें दोबारा सामने आईं तो वे और बड़ा आंदोलन करेंगे।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अभी तक स्कूल प्रबंधन की ओर से इस मामले में सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्कूल में कार्यरत हिंदू कर्मचारियों पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि जो कर्मचारी धर्म परिवर्तन के लिए तैयार नहीं होते, उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है।
स्कूल में सफाई कर्मचारी के रूप में कार्यरत राजेश कुमार ने आरोप लगाया कि वह पिछले 12 वर्षों से स्कूल में कार्यरत है, लेकिन पिछले तीन महीनों से उस पर चर्च जाकर प्रार्थना करने और धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया जा रहा था। राजेश का दावा है कि धर्म परिवर्तन से इनकार करने पर उसे बिना किसी नोटिस के नौकरी से हटा दिया गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि उससे रविवार और सरकारी अवकाश के दिनों में भी काम कराया जाता था।
कर्मचारियों की शिकायत मिलने के बाद करीब 50 हिंदू संगठन के कार्यकर्ता स्कूल पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब एक घंटे तक परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
सूचना मिलते ही कैंट, गोरा बाजार और गोरखपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए प्रदर्शनकारियों को स्कूल परिसर से बाहर किया। प्रदर्शन के बाद हिंदू संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में इस तरह की शिकायतें दोबारा सामने आईं तो वे और बड़ा आंदोलन करेंगे।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अभी तक स्कूल प्रबंधन की ओर से इस मामले में सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।
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